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क्रिकेट एसोसिएशन ऑफ उत्तराखंड के सचिव समेत 7 के खिलाफ केस दर्ज,10 लाख रुपए मांगने का भी आरोप

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देहरादून: क्रिकेट एसोसिएशन ऑफ उत्तराखंड एक बार फिर सुर्खियों में है। पिछले साल विजय हजारे ट्रॉफी के दौरान आर्य सेठी के साथ हुआ मारपीट व धमकी देने का मामला सामने आया था। क्रिकेटर के पिता विरेंद्र सेठी ने पुलिस में एफआईआर दर्ज कराई थी। कई महीनों की जांच के बाद मारपीट और वसूली के मामले में उत्तराखंड क्रिकेट एसोसिएशन (सीएयू) के सचिव महिम वर्मा समेत सात लोगों के खिलाफ  मुकदमा दर्ज किया गया है। डीआईजी के आदेश के बाद कार्रवाई की गई है।

दिसंबर में विरेंद्र सेठी ने पुलिस दी थी कि उनके बेटे आर्य सेठी को गुजरात में विजय हजारे ट्रॉफी टूर के दौरान सीनियर पुरुष क्रिकेट टीम के कोच मनीष झा ने आर्य की पिटाई की। इस मामले को उन्होंने सीएयू के सचिव महिम वर्मा के समक्ष भी रखा था। इस संबंध में उन्होंने कोच व अन्य लोगों से बात की थी लेकिन कोई हल नहीं निकला। उन्होंने कहा कि कोच ने इसके बाद आर्य को कमरे में बुलाया और जान से मारने की धमकी दी थी। हालांकि इसके बाद मनीष झा ने भी विरेंद्र सेठी के खिलाफ शिकायत की थी और जान को खतरा बताया था। कोच मनीष झा ने राजकोट में पुलिस थाने में आर्य के पिता वीरेंद्र सेठी की ओर से देहरादून आने पर जान से मारने की धमकी दिए जाने की शिकायत की थी।

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सचिव पर लगे 10 लाख रुपए मांगने के आरोप

मीडिया रिपोर्ट्स की मानें तो शिकायतकर्ता विरेंद्र सेठी ने मामला सुलझाने के लिए सचिव महिम वर्मा द्वारा 10 लाख रुपये मांगने व युवा खिलाड़ी का करियर खराब करने का भी आरोप लगाया है। उन्होंने सीएयू के प्रवक्ता संजय गुसाईं, टीम के मैनेजर नवनीत मिश्रा, वीडियो एनालिसिस पीयूष रघुवंशी और सीएयू में कार्यरत सत्यम वर्मा व पारुल पर भी गंभीर आरोप लगाए थे।

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वसंत विहार थानाध्यक्ष विनोद राणा ने कहा कि सीएयू के सचिव महिम वर्मा, प्रवक्ता संजय गुसाईं, सत्यम वर्मा, पारुल, सीनियर पुरुष क्रिकेट टीम के मैनेजर नवनीत मिश्रा, कोच मनीष झा और वीडियो एनालिसिस पीयूष रघुवंशी के विरुद्ध मुकदमा दर्ज किया गया है।

आपकों बता दें कि इस प्रकरण के बाद आर्य सेठी को रणजी ट्रॉफी टीम में शामिल किया गया था। सीएयू की तरफ से कहा गया था कि टीम कोच और आर्य के बीच बात कराई गई है और सभी मतभेदों को दूर कर लिया गया लेकिन रणजी ट्रॉफी के खत्म होने के बाद ये विवाद फिर से सामने आ गया है।

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कहां से उछला था मारपीट का मामला

पिछले साल दिसंबर में गुजरात के राजकोट में सीएयू टीम विजय हजारे ट्राफी खेलने गई थी। इस बीच आर्य सेठी के पिता ने कोच मनीष झा पर बेटे की पिटाई और गाली-गलौज करने का आरोप लगाया था। कोच की ओर से कहा गया कि आर्य सेठी को उन्होंने टीम को सपोर्ट करने के लिए केवल नींद से जगाया था। मुकाबले दे दौरान वह सो रहे थे। विवाद बढ़ा तो दोनों तरफ से आरोपों का सिलसिला शुरू हो गया। इसके बाद मामला शांत हो गया था।

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