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स्वामी प्रसाद मौर्या का बयान, हिन्दू कोई धर्म नहीं बल्कि एक धोखा है

INDI Alliance Controversial Statement: Swami Prasad Maurya New Speech Hurting Emotion And Faith Of Hindus: अपने कुतर्कों और आपत्तिजनक बयानों के लिए स्वामी प्रसाद मौर्या हर वक्त चर्चाओं में रहते हैं। वे रामचरित मानस से लेकर कई हिन्दू देवी-देवताओं अपमानजनक टिपण्णी कर चुके हैं। इन विवादित बयानों पर विपक्षी दल चुप है। समाजवादी पार्टी के नेता मौर्या मंच हो या सड़क हिन्दुओं के अपमान करने से बाज़ नहीं आ रहे हैं।

स्वामी प्रसाद मौर्या का एक बयान वायरल हो रहा है, जिसमें वे हिन्दू समाज के लिए अपमानजनक बाते कर रहे हैं। उन्होंने हिन्दू धर्म को धर्म नहीं बल्कि धोखा कहा है। आपको बता दें कि इससे पहले रामचरित मानस के अलावा उत्तराखंड के चार धामों में से एक धाम, बद्री विशाल बदरीनाथ पर भी आपत्तिजनक स्वामी प्रसाद द्वारा की जा चुकी है। अब उन्होंने हिंदु धर्म को धोखा कहा है लेकिन समाजवादी पार्टी के ये नेता माफ़ी मांगने को तैयार नहीं हैं।

लेकिन इन बयानों के पीछे की कहानी और आगे की योजना का पता होना हम सभी के लिए बहुत ज़रूरी है। तो आइये जानते हैं कि हिन्दू नाम पर इतना ज़हर क्यों उगला जा रहा है? पिछले तीन राज्यों के चुनाव में कांग्रेस को करारी हार मिली है। जिसका फायदा उठाने की फिराक में INDI गठबंधन के ही दल टूट पड़े हैं। मध्यप्रदेश में समाजवादी पार्टी को कुल 0.5% वोट मिला है। और उत्तरप्रदेश के अलावा अन्य राज्यों में समाजवादी पार्टी का कोई अस्तित्व नहीं है।

जहाँ एक तरफ भाजपा भारतीय विकास के विजय रथ पर भारतीय संस्कृति एवं परम्पराओं का ध्वज लहराते हुए चल रही है। तो INDI एलायंस के ही कई दल उत्तर और दक्षिण भारत में विभाजन का दाव खेल रहे हैं। या फिर किसी समुदाय विशेष को खुश करने के लिए सनातन धर्म के प्रति ज़हर उगल कर अपना वोट बैंक मज़बूत करने की कोशिश कर रहे हैं।

स्वामी प्रसाद मौर्या के इस बयान से पहले INDI गठबंधन के दल DMK के राष्ट्रीय अध्यक्ष M K स्टालिन के बेटे उदयनिधि स्टालिन ने सनातन धर्म की बीमारियों से साथ तुलना की थी। जिसके कारण उन्हें पूरे भारत से हिन्दू समुदाय के आक्रोश और कड़े विरोध का सामना करना पड़ा था। फिर भी लोकसभा के शीतकालीन सत्र में DMK के सांसद ने हिंदी भाषीय राज्यों को गौमूत्र राज्य कहकर पूरे भारत की अखंडता और सम्प्रभुता को आहात किया था। जिसपर उन्हें 10 घंटे के भीतर ही पूरे भारत से माफ़ी मांगनी पड़ी थी।

तो अब समझने वाली बात यह है कि क्या यह सब दल सनातन का अपमान कर के चुनाव जीतने की सोच रहे हैं? तो इसका जवाब है नहीं, यह सभी दल एक से बढ़कर एक बयान सिर्फ INDI गठबंधन में अपना अस्तित्व और स्थान मज़बूत करने के लिए दे रहे हैं। जिससे एक समुदाय तो खुश होता नज़र आ रहा है। लेकिन करोड़ों भारतीयों की भावनाएं और आस्था को इन दलों ने अपने राजनीतिक लाभ के लिए मज़ाक बना दिया है।

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