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उत्तराखंड: 13 जून को बनेगा इतिहास, IMA की पासिंग आउट परेड में पहली बार दिखेंगी 9 महिला कैडेट्स

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DehradunNews | UttarakhandNews | IndianArmy | IMAPassingOutParade2026 : भारतीय सैन्य अकादमी (आईएमए) में 13 जून को होने वाली 158वीं पासिंग आउट परेड की तैयारियां अंतिम चरण में पहुंच गई हैं। गुरुवार को आयोजित कमांडेंट परेड में कैडेट्स ने शानदार प्रदर्शन कर यह साबित कर दिया कि वे देश सेवा की जिम्मेदारी संभालने के लिए पूरी तरह तैयार हैं।

कमांडेंट परेड के दौरान मौसम ने अचानक करवट ली और बारिश शुरू हो गई…लेकिन इसका कैडेट्स के उत्साह और अनुशासन पर कोई असर नहीं पड़ा। तेज बारिश के बीच भी अधिकारी कैडेट एक समान चाल, सटीक तालमेल और आत्मविश्वास के साथ ड्रिल स्क्वायर पर मार्च करते रहे। उनका प्रदर्शन सैन्य प्रशिक्षण की मजबूती और अनुशासन का बेहतरीन उदाहरण बना।

परेड की सलामी आईएमए के कमांडेंट लेफ्टिनेंट जनरल नागेंद्र सिंह ने ली। इस अवसर पर उन्होंने भावी सैन्य अधिकारियों को संबोधित करते हुए कहा कि भारतीय सेना की गौरवशाली परंपराओं को आगे बढ़ाने की जिम्मेदारी अब इन युवा अधिकारियों के कंधों पर होगी। उन्होंने कहा कि एक अधिकारी की पहचान केवल वर्दी से नहीं…बल्कि उसके चरित्र, नेतृत्व क्षमता, कर्तव्यनिष्ठा और जवानों के प्रति जिम्मेदारी से होती है।

कमांडेंट ने कैडेट्स को याद दिलाया कि सेना में लिए गए उनके फैसले न केवल उनके लिए…बल्कि उनके अधीन कार्य करने वाले जवानों और उनके परिवारों के जीवन को भी प्रभावित करेंगे। इसलिए नेतृत्व के साथ संवेदनशीलता और जिम्मेदारी की भावना भी बेहद जरूरी है।

कमांडेंट परेड में भारतीय कैडेट्स के साथ मित्र देशों से आए अधिकारी कैडेट्स ने भी हिस्सा लिया। सेना के प्रसिद्ध मार्चिंग गीत ‘कदम-कदम बढ़ाए जा’ की धुन पर जब कैडेट्स ने मार्च किया तो पूरा परिसर देशभक्ति और सैन्य गौरव से गूंज उठा।

इस बार की पासिंग आउट परेड कई मायनों में खास रहने वाली है। पहली बार आईएमए से प्रशिक्षण प्राप्त करने वाली 9 महिला कैडेट्स भी परेड का हिस्सा बनेंगी। एक वर्ष के कठोर सैन्य प्रशिक्षण के बाद महिला कैडेट्स ने भी पुरुष कैडेट्स के साथ अंतिम रिहर्सल में भाग लिया। इसे भारतीय सेना में महिलाओं की बढ़ती भागीदारी के महत्वपूर्ण कदम के रूप में देखा जा रहा है।

कमांडेंट परेड को पासिंग आउट परेड से पहले की सबसे अहम रिहर्सल माना जाता है। इसके जरिए परेड की सभी व्यवस्थाओं, ड्रिल और समन्वय का अंतिम परीक्षण किया जाता है। गुरुवार को हुई रिहर्सल ने साफ कर दिया कि आईएमए 13 जून को होने वाली भव्य पासिंग आउट परेड के लिए पूरी तरह तैयार है।

इस वर्ष राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मू मुख्य अतिथि के रूप में पासिंग आउट परेड में शामिल होंगी। उनकी मौजूदगी में कुल 515 अधिकारी कैडेट पास आउट होंगे। इनमें 481 भारतीय कैडेट और 16 मित्र देशों के 34 विदेशी कैडेट शामिल हैं। प्रशिक्षण पूरा करने के बाद ये सभी अधिकारी भारतीय सेना और अपने-अपने देशों की सेनाओं में नई जिम्मेदारियां संभालेंगे।

आईएमए की ऐतिहासिक परंपराओं और सैन्य गौरव का प्रतीक मानी जाने वाली यह परेड हर साल देशभर का ध्यान आकर्षित करती है। बारिश के बीच हुई कमांडेंट परेड ने एक बार फिर यह संदेश दिया कि एक सैनिक के लिए मौसम नहीं…बल्कि कर्तव्य सबसे ऊपर होता है।

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