Uttarakhand News

पहाड़ की बेटी को गरीबी भी नही पछाड़ सकी,सिम बेचकर की पढ़ाई,और पाया गोल्ड

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देहरादूनः राज्य की बेटियां आज हर क्षेत्र में अपने हुनर का लोहा मनवा रही है। राज्य कि बेटियां अपने सपने को पूरा करने के लिए हर चुनौतियों से लड़कर अपने सपनों की उड़ान भर रही हैं। एक बार फिर बेटी के परिश्रम ने देवभूमि का नाम रोशन किया है। आज हम बात कर रहें हैं चमोली में विकास नगर घाट के लुंन्तरा गांव की अंजलि की। जसने विकास नगर घाट के साथ-साथ चमोली जनपद का नाम भी रोशन कर दिखाया है।

बता दें कि स्नातकोतर महाविद्यालय गोपेश्वर के एम.ए अंग्रेजी की कक्षा में अध्यनरत अंजलि बिष्ट गढ़वाल केंद्रीय विश्वविद्यालय टॉप कर गोल्ड मेडल हासिल किया है। घाट क्षेत्र के सुंग गांव में पली बड़ी अंजलि का छात्र जीवन संघर्षो से भरा रहा। 6 महिने पहले ही अंजली का विवाह घाट क्षेत्र के ही लुंन्तरा गांव के जगमोहन बिष्ट के साथ हुआ है। जो भारतीय वायु सेना में तैनात है। अंजली के पिता गांव में किसानी करते है। अंजलि पढ़ाई के लिये गांव के ही स्कूल से 5 वी पास करने के बाद अपने मामा के साथ मुरादाबाद चली गई।

मामा का गांव इंटर कालेज से दूर होने की वजह से अंजलि ने घाट में अपनी मौसी के घर पर रह कर इंटर कालेज घाट से इंटरमीडिएट की परीक्षा पास की। 12वीं की परीक्षा पास करने के बाद अंजलि की पारिवारिक स्थिती मजबूत नही होने के कारण आगे की पढ़ाई में कठिनाइयां आने लगी। लेकिन अंजलि ने कठिनाइयों को पीछे छोड़ को अपनी पढ़ाई के खर्चे के लिए अंजली ने खुद घाट बाजार में स्थित आइडिया सिम डिस्टिब्यूट सेंटर में 3000 रुपये महिने की सैलरी में काम किया। फीस के पैसे जुटाकर गोपेश्वर पीजी कालेज में बीए प्रथम वर्ष में प्रवेश लिया। इसके बाद अंजली ने पीछे मुड़कर नही देखा। अंजलि को गोल्ड मैडल मिलने से जंहा एक और अंजली का परिवार गर्व महसूस कर रहा है। अंजली ने अंग्रेजी जैसे विषय मे गोल्ड मैडल हासिल कर चमोली और पूरे राज्य का नाम रोशन किया है। वो कहते हैं ना अगर कुछ करने की ठान लो तो उस सपने को पूरा होने से कोई नहीं रोक सकता।

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