हल्द्वानी: सौरभ रावत की बल्लेबाजी से प्रभावित हुए टीम इंडिया के पूर्व बल्लेबाज

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हल्द्वानी: सौरभ रावत की बल्लेबाजी से प्रभावित हुए कोच वसीम जाफर

देहरादून: कहते है ना कि टैंलट बड़े मौके पर धोखा नहीं देता है… ऐसा क्रिकेट में अक्सर होता है। हमें खिलाड़ी पर इंवेस्ट करने का रिस्क लेना पड़ता है और इसका सबसे बड़ा उदाहरण है भारतीय टीम के सलामी बल्लेबाज रोहित शर्मा… मध्यक्रम में फेल होने के बाद कप्तान महेंद्र सिंह धोनी ने उन्हें सलामी बल्लेबाज बनाने का फैसला किया।

रोहित ने उसके बाद क्या कर दिखाया है ये किसी को बताने की जरूरत नहीं है…. उत्तराखंड को 2018 में बीसीसीआई से घरेलू क्रिकेट खेलने की अनुमति मिली थी। पहली बार में ही टीम ने कमाल किया था और रणजी ट्रॉफी के क्वार्टर फाइनल में जगह बनाई थी। नॉकडाउट में टीम का सामना चैपिंयन विदर्भ से जनवरी 2019 में हुआ था और उसके प्रदर्शन ने फैंस ही नहीं विपक्षी टीम का भी दिल जीता था।

विदर्भ की ओर से 206 रनों की पारी खेलने वाले पूर्व बल्लेबाज वसीम जाफर को अब क्रिकेट एसोसिएशन ऑफ उत्तराखंड ने सीनियर टीम का कोच नियुक्त किया है। जाफर ने एक निजी न्यूज पेपर को इंटरव्यू दिया और उत्तराखंड क्रिकेट को लेकर अपनी राय रखी। उन्हें नागपुर में खेला हुआ मैच याद है। उन्होंने कहा कि एक बार उत्तराखंड के खिलाड़ियों के साथ खेला हूं और उनके गेम ने मुझे प्रभावित किया। अपने पहले ही टूर्नामेंट में टीम नॉकआउट में पहुंची थी जो बताता है राज्य में प्रतिभा की कमी नहीं है। इस दौरान उन्होंने सौरभ रावत, दिपक धपोला और अवनीश सुधा की तारीफ की।

उत्तराखंड बनाम विदर्भ- नॉकआउट – 2019

करीब डेढ़ साल पहले खेले गए नॉकडाउन में सौरभ रावत ने शानदार शतक जड़ा था। सौरभ ने मजबूत गेंदबाजी क्रम के आगे 108 रनों की पारी खेली थी। अपने डेब्यू मैच अवनीश सुधा ने 91 रनों की पारी खेली। इस मुकाबले में तेज गेंदबाज दीपक धपोला को केवल एक विकेट मिला था लेकिन पूरे टूर्नामेंट में उन्होंने शानदार खेल दिखाया था। उस सीजन दीपक ने 8 मुकाबलों में 45 विकेट लिए थे।

जो सिखा है वो खिलाड़ियों को दूंगा

वसीम जाफर भारतीय घरेलू क्रिकेट के महान खिलाड़ी हैं। रणजी ट्रॉफी में उनके नाम सबसे ज्यादा रन हैं। उनके कोच बनने के बाद सभी फैंस घरेलू क्रिकेट के शुरू होने का इंतजार कर रहे हैं ताकि टीम को नए कोच के साथ देखें। जाफर ने इंटरव्यू में कहा कि मैं क्रिकेट से 35 साल से जुड़ा हूं और जो कुछ भी मैने सिखा है वो बतौर कोच खिलाड़ियों को बताऊंगा। मेरी कोशिश रहेगी कि इस टीम को अगले लेवल पर पहुंचाया जाए ताकि वहां से खिलाड़ियों के लिए भारतीय टीम के लिए खेलने के दरवाजे खुलें। फिलहाल जाफर मुंबई में हैं और जल्द उत्तराखंड पहुंच सकते हैं।

वसीम जाफर का कॉन्ट्रैक्ट एक साल का है। लगभग 2 दशक तक क्रिकेट खेलने के बाद जाफर ने इस साल मार्च में संन्यास लिया था। प्रथम श्रेणी और घरेलू प्रतियोगिताओं में उन्होंने मुंबई और विदर्भ का प्रतिनिधित्व किया। वह पहली बार किसी टीम के साथ मुख्य कोच के रूप में जुड़े हैं।

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