Politics

लोकसभा चुनाव 2024… उत्तराखंड में इस बार नए-नए मुद्दों पर है मुकाबला

Ad

Uttarakhand Loksabha Election 2024: BJP vs INC in Uttarakhand: Uttarakhand’s Youth’s Expectations:

ADVERTISEMENTS Ad

देवभूमि उत्तराखंड ने अपनी स्थापना के बाद से 4 लोकसभा चुनाव देखे हैं। इन चारों चुनावों में उत्तराखंड की जनता ने अपने अस्तित्व और अपनी परंपरा के संरक्षण और सशक्तिकरण के मुद्दों पर राजनीतिक दलों को वोट दिया है। 2024 का लोकसभा चुनाव पिछले सभी चुनावों से थोड़ा अलग है। विपक्ष के मुद्दों पर और उनके नेतृत्व पर जनता की विश्वसनीयता की कमी एक बड़ी चुनौती है। विपक्ष और पक्ष के वादों और धरातल पर हुए विकास कार्यों का आंकलन कर के अपना मत का दान करने का निर्णय बना रही जनता इस बार पारदर्शिता की अपेक्षा कर रही है।

कुमाऊं में पर्यटन प्रोत्साहन और विकास कार्यों की प्रगति सरकार को मजबूत स्थिति प्रदान करती तो वहीं गढ़वाल में बेरोजगारों और युवाओं का आक्रोश विपरीत परिस्थिति की तरफ इशारा करता है। उत्तराखंड को गढ़वाल और कुमाऊं दो मंडलों में वर्गीकृत किया गया है लेकिन उत्तराखंड निवासियों की आवाज़ 2024 लोकसभा चुनाव में एक ही ध्वनि में सुनाई दे रही है। जनता पेपर लीक और बेरोजगारी के साथ पर्वतीय क्षेत्रों से पलायन रोकने के लिए सरकार द्वारा किए गए प्रयासों का हिसाब मांग रही है।

भाजपा को युद्धस्तर पर जनता के हित के लिए लागू की गई योजनाओं के बाद भी जिन चुनौतियों का सामना करना पड़ रहा है, उससे साफ़ ज़ाहिर है कि विपक्ष के लिए बिना रणनीति जनता के बीच वादा करना जोखिम भरा हो सकता है। दूसरी तरफ भाजपा मोदी को चेहरा बनाकर एक फिर विजय प्राप्त करने का प्रयास कर रही है।

ADVERTISEMENTS Ad
To Top