
UTTARAKHAND : RISHIKESH : YOGESH SHARMA : मजबूत इरादे और जुनून हो तो कोई भी मंजिल मुश्किल नहीं होती। उत्तराखंड के ऋषिकेश निवासी योगेश शर्मा ने इसे सच साबित कर दिखाया है। 61 साल की उम्र में उन्होंने अपनी 38 साल पुरानी बाइक से दुनिया की सबसे ऊंची मोटरेबल सड़कों में शामिल उमलिंग ला पास तक का सफर तय कर नई मिसाल कायम की है।
योगेश शर्मा ने अपनी 1988 मॉडल की 98.6 सीसी बाइक के साथ यह चुनौतीपूर्ण यात्रा पूरी की। जिस बाइक को कई लोग पुरानी समझकर छोड़ देते हैं, उसी बाइक ने कठिन पहाड़ी रास्तों पर उनका पूरा साथ निभाया।
योगेश शर्मा ने कहा कि इससे पहले वह वर्ष 2023 में भी इसी बाइक से उमलिंग ला पास की यात्रा कर चुके हैं। साल 2026 में उन्होंने दूसरी बार इस चुनौतीपूर्ण सफर को सफलतापूर्वक पूरा किया।
उमलिंग ला पास समुद्र तल से करीब 19,024 फीट की ऊंचाई पर स्थित है। यह दुनिया की सबसे ऊंची मोटरेबल सड़कों में से एक माना जाता है। यहां ऑक्सीजन की कमी, कड़ाके की ठंड और कठिन मौसम जैसी परिस्थितियां हर यात्री के लिए बड़ी चुनौती बनती हैं।
योगेश शर्मा का कहना है कि उन्हें बचपन से ही पहाड़ों और एडवेंचर का शौक रहा है। यही जुनून उन्हें लगातार नई ऊंचाइयों तक पहुंचने के लिए प्रेरित करता है।
वह अपनी इसी बाइक से अब तक तीन बार लद्दाख की यात्रा कर चुके हैं। इसके अलावा चारधाम, आदि कैलाश, गढ़वाल, कुमाऊं और हिमाचल के कई कठिन पहाड़ी क्षेत्रों में भी बाइक से सफर कर चुके हैं।
इसी साल उन्होंने खारदुंगला, सियाचिन बेस कैंप, थांग विलेज और डेमचोक जैसे कठिन इलाकों में भी अपनी इसी बाइक से यात्रा पूरी की है।
योगेश शर्मा अपनी बाइक को सिर्फ एक वाहन नहीं…बल्कि परिवार के सदस्य की तरह मानते हैं। वह नियमित रूप से उसकी देखभाल करते हैं और हर सफर से पहले पूरी तैयारी करते हैं।
आज जब लंबी यात्राओं के लिए लोग हाई-पावर और महंगी बाइकों को जरूरी मानते हैं…वहीं योगेश शर्मा ने साबित कर दिया कि सफलता साधनों से ज्यादा आत्मविश्वास, तैयारी और मजबूत इच्छाशक्ति पर निर्भर करती है।
योगेश शर्मा का कहना है कि जीवन में सपने देखना कभी नहीं छोड़ना चाहिए। अगर लक्ष्य साफ हो और मन में जुनून हो…तो उम्र चाहे कितनी भी हो…कोई भी मंजिल दूर नहीं रहती।






