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अब उत्तराखंड में शिक्षक बनने के लिए ग्रेजुएशन में 50 प्रतिशत से ज्यादा अंक लाने ज़रूरी नहीं


उत्तराखंड में खत्म होगा शिक्षक बनने का इंतजार, 451 पदों पर निकली भर्ती

देहरादून: आप शिक्षक बनना चाहते हैं। मगर आप ग्रेजुएशन में 50 फीसदी से ज्यादा अंक नहीं ला सके। चलिए कोई बात नहीं, आपको भी मौका दिया जाएगा। जी हां, उत्तराखंड में बेसिक शिक्षक बनने के लिए अब ग्रेजुएशन में 50 प्रतिशत अंक लाने की अनिवार्यता को खत्म कर दिया गया है। बेसिक शिक्षा विभाग ने आदेश जारी कर दिया है।

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दरअसल इन दिनों उत्तराखंड में बेसिक शिक्षा भर्ती प्रक्रिया चल रही है। जिसमें ऐसे छात्र नहीं शामिल हो पा रहे थे जिनके स्नातक में 50 प्रतिशत से कम अंक आए हैं। इस नियम के खिलाफ भर्ती से वंचित हो रहे अभ्यर्थियों ने हाईकोर्ट में याचिक दायर कर दी। जिसमें उन्हें भी भर्ती प्रक्रिया में शामिल करने की मांग की गई थी।

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गौरतलब है कि शिक्षक भर्ती में डीएलएड प्रशिक्षितों की नियुक्ति के बाद बचने वाले पदों पर बीएड टीईटी प्रशिक्षितों का चयन किया जाना है। पर इस श्रेणी में बड़ी संख्या में ऐसे लोग हैं, जिनके स्नातक में 50 फीसदी अंक नहीं हैं। ऐसे में कोर्ट में याचिका दायर की गई थी। जिसके बाद शिक्षा विभाग ने ऐसे सभी अभ्यर्थियों को शिक्षक भर्ती प्रक्रिया में शामिल होने की सशर्त मंजूरी दे दी है।

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आपको बता दें कि नियमानुसार  राजकीय प्रारंभिक शिक्षा (अध्यापक) सेवा संशोधित नियमावली 2019 में शिक्षक की पात्रता के मानक निर्धारित किए गए हैं। इसके अनुसार बीएड टीईटी वर्ग में नियुक्ति के लिए आवेदन करने वाले अभ्यर्थी को 50 फीसदी नंबरों के साथ ग्रेजुएशन पास होना अनिवार्य है।

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अब कई सारे अभ्यर्थियों को राहत मिलेगी। बहरहाल बेसिक शिक्षा निदेशक रामकृष्ण उनियाल ने सभी जिला शिक्षा अधिकारी को इस संबंध में आदेश भी जारी कर दिए हैं। बेसिक शिक्षा निदेशक की मानें तो अब ऐसे सभी अभ्यर्थियों को भर्ती प्रक्रिया में शामिल किया जाएगा। हालांकि इनका परिणाम हाईकोर्ट के आदेश आने तक नहीं जारी किया जाएगा। साफ शब्दों में बात ये है कि अब ग्रेजुएशन में 50 फीसदी से कम अंक लाने वालों को भी शिक्षक बनने का मौका मिलेगा।

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