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दंत चिकित्सा में रूट कैनाल ट्रीटमेंट किसी वरदान से कम नहीं है, डॉ सीमा नेगी फर्त्याल ने दी जानकारी

हल्द्वानी: अगर दांत खराब हो जाता है तो डॉक्टर रूट कैनाल ट्रीटमेंट की सलाह देते हैं। हल्द्वानी रामा डेंटल केयर की डॉ सीमा नेगी फर्त्याल रूट कैनाल ट्रीटमेंट को लेकर जानकारी दी। उन्होंने कहा कि दांतों में कीड़ा(कैविटी) लगना आम समस्या है। ये किसी को भी हो सकती है। पुराने समय में यह सुविधा नहीं थी कि दांत को सुरक्षित किया जा सके। दांत दर्द होने पर या तो घरेलु उपाय कर लिया जाता था या फिर डॉक्टर के पास जाकर दांत को निकलवा लिया जाता था।

कब होता है ये इलाज

रूट कैनाल ट्रीटमेंट के आने से दांत को बचाया जा सकता है। अगर आपके दांत में दर्द हो , दांतों में ठंडा गर्म लगने से दर्द (सेंसिटिविटी)हो रहा हो जो कि लंबे समय तक बना रहता है, दांत घिस रहे हों या दांत टूट रहे हों, जब संक्रमण से दांत काला पड़ जाए, दांत में सूजन हो आदि होने पर ये इलाज किया जाता है।


रूट कैनाल में होता क्या है?

यह आमतौर पर 2-3 सिटिंग में होता है रूट कैनाल, पहले दांत का एक्स रे करके चेक किया जाता है कि दांत रूट कैनाल कराने की स्तिथि में है या नहीं। डॉक्टर सीमा ने बताया कि रूट कैनाल में दांत के जड़ के अंदर की नस (कैनाल) को साफ किया जाता है और उसके अंदर दवाई डाली जाती है जब संक्रमण व दर्द ठीक हो जाता है तब रूट कैनाल की प्रक्रिया को पूरा किया जाता है।

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