
Indian Army | Balwant Singh | Uttarakhand News : देश की रक्षा करते हुए शहीद हुए सैनिक बलवंत सिंह का पार्थिव शरीर गुरुवार को उनके घर पहुंचा। तिरंगे में लिपटे वीर सपूत को अंतिम विदाई देने के लिए बड़ी संख्या में लोग जुटे। पूरे गांव में शोक का माहौल रहा और हर आंख नम दिखाई दी।
शहीद होने की खबर मिलते ही परिवार पर दुखों का पहाड़ टूट पड़ा। पत्नी संगीता, बच्चों और अन्य परिजनों का रो-रोकर बुरा हाल था। जिस घर में हर बार छुट्टी पर बलवंत सिंह के आने की खुशी होती थी…इस बार वहीं उनके पार्थिव शरीर का इंतजार किया जा रहा था।
पूरी रात परिवार के लोग जागते रहे। घर के बाहर हर वाहन की आवाज पर सभी की निगाहें सड़क की ओर उठ जाती थीं। गुरुवार सुबह जब सेना की एंबुलेंस तिरंगे में लिपटा पार्थिव शरीर लेकर पहुंची तो माहौल बेहद भावुक हो गया।
पत्नी संगीता अपने पति के अंतिम दर्शन कर खुद को संभाल नहीं सकीं। बेटियां पिता को देखकर फूट-फूटकर रो पड़ीं, जबकि पुत्र रोहन गमगीन माहौल में अपने पिता को निहारता रहा। बाद में चित्रशिला घाट पर बेटे रोहन ने पूरे सैन्य सम्मान के बीच अपने पिता को मुखाग्नि दी।
अंतिम यात्रा में शामिल लोगों ने शहीद बलवंत सिंह को नम आंखों से विदाई दी। गांव के लोगों, रिश्तेदारों और शुभचिंतकों ने उन्हें श्रद्धांजलि अर्पित करते हुए कहा कि बलवंत सिंह ने देश की सेवा करते हुए सर्वोच्च बलिदान दिया है।
शोक में डूबे परिवार के बीच गर्व की भावना भी साफ दिखाई दी। ग्रामीणों ने कहा कि बलवंत सिंह केवल अपने परिवार के नहीं…बल्कि पूरे देश के वीर सपूत हैं। उनका बलिदान हमेशा याद रखा जाएगा।






