
Pushkar Singh Dhami | Uttarakhand CM | ND Tiwari Record : उत्तराखंड के मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने राज्य की राजनीति में एक नया रिकॉर्ड अपने नाम कर लिया है। उन्होंने उत्तराखंड के पहले निर्वाचित मुख्यमंत्री रहे नारायण दत्त तिवारी के सबसे लंबे समय तक मुख्यमंत्री रहने के रिकॉर्ड को पीछे छोड़ दिया है।
10 जुलाई को मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने मुख्यमंत्री पद पर 1832 दिन पूरे कर लिए। इससे पहले यह रिकॉर्ड नारायण दत्त तिवारी के नाम था…जिन्होंने अपने कार्यकाल में 1831 दिन तक मुख्यमंत्री पद की जिम्मेदारी संभाली थी।
पुष्कर सिंह धामी पहली बार 4 जुलाई 2021को उत्तराखंड के मुख्यमंत्री बने थे। इसके बाद वर्ष 2022 के विधानसभा चुनाव के बाद भारतीय जनता पार्टी ने उन्हें दोबारा मुख्यमंत्री चुना। तब से वह लगातार इस पद पर बने हुए हैं।
धामी ने हाल के दिनों में लगातार दो अहम उपलब्धियां हासिल की हैं। 4 जुलाई को उन्होंने भाजपा के पहले ऐसे मुख्यमंत्री बनने का रिकॉर्ड बनाया…जिन्होंने उत्तराखंड में लगातार पांच साल का कार्यकाल पूरा किया। इसके कुछ ही दिन बाद उन्होंने सबसे लंबे समय तक मुख्यमंत्री रहने का रिकॉर्ड भी अपने नाम कर लिया।
उत्तराखंड के इतिहास में कांग्रेस की ओर से अब तक तीन मुख्यमंत्री बने हैं…नारायण दत्त तिवारी, विजय बहुगुणा और हरीश रावत। इनमें केवल नारायण दत्त तिवारी ही अपना पांच साल का कार्यकाल पूरा कर सके थे।
वहीं भाजपा की ओर से अब तक सात नेताओं ने मुख्यमंत्री पद संभाला है। इनमें नित्यानंद स्वामी, भगत सिंह कोश्यारी, भुवन चंद्र खंडूड़ी, रमेश पोखरियाल निशंक, त्रिवेंद्र सिंह रावत, तीरथ सिंह रावत और पुष्कर सिंह धामी शामिल हैं। भुवन चंद्र खंडूड़ी और पुष्कर सिंह धामी दो-दो बार मुख्यमंत्री पद की शपथ ले चुके हैं।
अगर सबसे लंबे कार्यकाल की बात करें तो अब पुष्कर सिंह धामी 1832 दिनों के साथ पहले स्थान पर हैं। उनके बाद नारायण दत्त तिवारी (1831 दिन), त्रिवेंद्र सिंह रावत (1452 दिन), हरीश रावत (1148 दिन) और भुवन चंद्र खंडूड़ी (840 दिन) का नाम आता है।
पुष्कर सिंह धामी ने अपने राजनीतिक जीवन की शुरुआत छात्र संगठन एबीवीपी से की थी। बाद में वे भाजपा युवा मोर्चा के प्रदेश अध्यक्ष बने। वर्ष 2012 में पहली बार विधायक चुने गए और 2021 में उत्तराखंड के मुख्यमंत्री बने। 2022 के विधानसभा चुनाव में खटीमा सीट से हारने के बावजूद भाजपा ने उन पर भरोसा जताया और उन्हें दोबारा मुख्यमंत्री बनाया। बाद में उन्होंने चंपावत विधानसभा उपचुनाव जीतकर विधानसभा में वापसी की।






