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नैनीताल: सात कैंटर चालकों से वन विभाग ने वसूला 1.65 लाख रुपए जुर्माना, हैरान कर देगा कारण

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रामनगर: ये बात किसी से छिपी नहीं है कि क्षेत्र में अवैख खनन धड़ल्ले से चलता है। इसी अवैध उपखनिज को छिपाने के लिए अधिकतर ट्रक व कैंटर चालक कागजों में कम और और वाहनों में अधिक उपखनिज भरकर ले जाते हैं। ऐसे ही सात कैंटरों को पहाड़ जाते समय मोहान में पकड़ लिया गया। जिनसे डेढ़ लाख रुपए से भी अधिक जुर्माना वसूला किया गया।

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दरअसल रामनगर वन प्रभाग की कोसी रेंज के रेंजर ललित मोहन जोशी मोहान में चेकिंग कर रहे थे। वह वन विभाग के बैरियर पर ही कर्मचारियों के साथ मिलकर पहाड़ की तरफ जा रहे वाहनों की चेकिंग कर रहे थे। इतने में सात कैंटरों को चेकिंग के लिए रोका गया। जब कागजातों और पीछे भरे उपखनिज की जांच की तो दूध का दूध पानी का पानी हो गया।

कागजों में उपखनिज की जो मात्रा 80 क्विंटल अंकित की हुई थी। वही मात्रा असलियत में काफी बड़ी हुई थी। मतलब तीन वाहनों में 30-30 क्विंटल, तीन वाहनों में 20-20 क्विंटल व एक वाहन में 15 क्विंटल उपखनिज अधिक भरा हुआ था। वन विभाग की टीम ऐसी चोरियों के लिए ही ताक लगाए बैठी थी। इतने में ही सात कैंटरों को पकड़ लिया गया।

फिर रोक कर उन पर जुर्माना लगाया गया। जानकारी के अनुसार वन अधिनियम के तहत वाहन चालकों से अवैध उपखनिज ले जाने के लिए 1.65 लाख रुपए का जुर्माना वसूला गया। थोड़ा पीछे जाकर आपको बता दें कि यह उपखनिज स्टोन क्रशर से वाहनों में भरा जाता है। अधिकतर देखा गया है कि कोसी नदी से चुराए गए अवैध उपखनिज को ठिकाने लगाने के लिए वाहनों में क्षमता से अधिक उपखनिज भरकर भेजा जाता है। अतिरिक्त उपखनिज अवैध की श्रेणी में आता है। वन बीट अधिकारी वीरेंद्र पांडे ने बताया कि जुर्माना वसूलने के बाद वाहनों को छोड़ दिया गया था।

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