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राजस्थान मुख्यमंत्री अशोक गहलोत ने कैबिनेट बैठक में लिए बड़े फैसले, एक क्लिक में जानें

Rajsthan CM Gehlot took important steps in the cabinet meeting
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जयपुर: प्रदेश सरकार के मंत्रिमंडल की बैठक संपन्न हुई है। मुख्यमंत्री अशोक गहलोत की अध्यक्षता में मुख्यमंत्री निवास पर संपन्न हुई बैठक में कई अहम फैसले लिए गए हैं। जिनमें विभिन्न सेवा नियमों में संशोधन, राजस्थान राज्यपारिस्थितिकी पर्यटन नीति-2021 के अनुमोदन, मुख्यमंत्री किसान मित्र ऊर्जा योजना लागू करने सहित कई महत्वपूर्ण फैसले शामिल हैं।

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बैठक में चिरंजीवी योजना, इंदिरा गांधी शहरी क्रेडिट कार्ड योजना, इंदिरा रसोई योजना, राजस्थान गवर्नमेंट हैल्थ स्कीम, राजीव गांधी युवा विकास प्रेरक योजना एवं कोविड वैक्सीनेशन पर भी चर्चा की गई। इसके अलावा भी कैबिनेट मीटिंग में कई अहम फैसले लिए गए।

कैबिनेट मीटिंग के फैसले

1. कैबिनेट ने राजस्थान पुलिस अधीनस्थ सेवा नियम 1989 में संशोधन को मंजूरी दी है। लिहाजा अब अधीनस्थ पुलिस सेवा की सीधी भर्ती के लिए बार-बार आयु में अलग से छूट देने की आवश्यकता नहीं रहेगी।

2. पशुपालन विभाग में वरिष्ठ पशु चिकित्सा अधिकारी एवं उच्चतर मदों पर पदोन्नति में विसंगतियों को दूर करने के लिए राजस्थान पशुपालन सेवा नियम-1963 में संशोधन को भी मंजूरी दी गई।

मंत्रिमंडल ने राजकीय पॉलिटेक्निक महाविद्यालयों के कार्मिकों के लिए राजस्थान तकनीकी शिक्षा अधीनस्थ सेवा नियम-1973 में संशोधन की स्वीकृति दी है. इससे राजकीय पॉलिटेक्निक कॉलेजों में कार्यरत अधीनस्थ सेवाओं के कार्मिकों के लिए साक्षात्कार के स्थान पर लिखित परीक्षा का प्रावधान किया जा सकेगा. 

3. राजस्थान सेवा नियम 1951 तथा राजस्थान सिविल सेवा  नियम-2013 में संशोधन को भी मंजूरी दी है। इन संशोधनों के जरिए राजस्थान गवर्नमेंट हैल्थ स्कीम आरजीएचएस लागू करने पर राज्य सरकार के सेवारत कार्मिकों के द्वारा सेवा के दौरान राजस्थान स्टेट पेंशनर्स मेडिकल कंसेशन स्कीम के स्थान पर आरजीएचएस में अंशदान किए जाने का प्रावधान किया गया है। इस योजना के तहत राज्य सरकार के पेंशनरों एवं 1 जनवरी, 2004 से पूर्व नियुक्त राज्य कर्मचारियों को कैशलेस एवं बेहतर चिकित्सा सुविधा उपलब्ध होगी।

4. राजस्थान राज्य पारिस्थितिकी पर्यटन नीति-2021 का अनुमोदन किया गया। इससे राज्य में पारिस्थितिकी पर्यटन को बढ़ावा मिलेगा तथा रोजगार के अनेक अवसर उपलब्ध हो सकेंगे।

5. राज्य में दिल्ली-मुंबई इंडस्ट्रियल कॉरिडोर परियोजना के क्रियान्वयन के लिए स्पेशल पर्पज व्हीकल एसपीवी के गठन, राज्य सहयोग करार शेयर होल्डिंग एग्रीमेंट तथा मेमोरेंडम एवं आर्टिकल्स ऑफ एसोसिएशन का अनुमोदन किया गया।

6. आमजन की समस्याओं का मौके पर ही निराकरण के लिए अभियान कैबिनेट के बाद मंत्रिपरिषद की बैठक में प्रशासन गांवों के संग अभियान तथा प्रशासन शहरों के संग अभियान की तैयारियों को लेकर चर्चा की गई। दोनों अभियान गांधी जयंती के अवसर पर 2 अक्टूबर 2021 से प्रारंभ होंगे।

7. प्रशासन शहरों के संग अभियान राज्य के कुल 213 नगरीय निकायों में संचालित किया जाएगा. इस अभियान में राज्य के 14 नगर विकास एवं 3 विकास प्राधिकरण भी शामिल होंगे.

8. मंत्रिपरिषद ने छठे राज्य वित्त आयोग के वर्ष 2020-21 एवं 2021-22 के लिए प्रस्तुत अंतरिम प्रतिवेदन का भी अनुमोदन किया। राज्य सरकार द्वारा इस अंतरिम प्रतिवेदन को कार्यवाही रिपोर्ट के साथ आगामी विधानसभा सत्र में प्रस्तुत किया जाएगा।

9. बैठक में शहरी क्षेत्रों के स्ट्रीट वेंडर्स एवं सर्विस सेक्टर के युवाओं तथा बेरोजगारों को स्वरोजगार तथा रोजमर्रा की जरूरतों के लिए इंदिरा गांधी शहरी क्रेडिट कार्ड योजना शुरू करने किए जाने पर भी चर्चा की गई। इस योजना के तहत 5 लाख जरुरतमंदों को 50 हजार रुपए तक का ब्याज मुक्त ऋण उपलब्ध करवाना प्रस्तावित है।

10. मुख्यमंत्री किसान मित्र ऊर्जा योजना लागू करने पर चर्चा की गई। यह योजना बिलिंग माह मई 2021 से लागू होना प्रस्तावित है। इसके तहत कृषि उपभोक्ताओं की द्विमासिक बिलिंग होगी तथा उन्हें प्रतिमाह 1 हजार रुपए अतिरिक्त अनुदान दिया जाएगा। योजना का लाभ पलेट श्रेणी के कृषि उपभोक्ताओं को भी देय होगा। मीटर चालू या बंद होने या खराब होने आदि सभी स्थितियों में इसका लाभ मिल सकेगा। यदि किसी माह उपभोक्ता की पुनर्भरण राशि एक हजार रूपए से कम है तो शेष राशि का समायोजन उसी वित्तीय वर्ष के शेष आगामी महीनों में किया जाएगा। योजना के तहत 1450 करोड़ रूपए वार्षिक व्यय होना अनुमानित है।

11. बैठक में राज्य में निजी क्षेत्र में नए कृषि महाविद्यालय स्वीकृत करने के प्रस्ताव पर भी चर्चा की गई। मंत्रिपरिषद ने विभिन्न विभागों से संबंधित कॉलेज हेतु मापदंड निर्धारण के लिए कैबिनेट सब-कमेटी बनाने का निर्णय किया गया।

वहीं, बैठक में प्रदेशवासियों को इलाज के भारी-भरकम खर्च से मुक्त करने के शुरू हुई योजना के संबंध में बताया गया कि 1 मई से लागू इस योजना में अब तक करीब 89 करोड़ रूपए के 1 लाख 23 हजार 521 क्लेम के माध्यम से 82 हजार 843 मरीजों को लाभान्वित किया गया है। जिला कलक्टर द्वारा अधिकृत सभी अस्पतालों को कोविड उपचार के लिए योजना से संबद्ध किया गया है और म्यूकरमाइकोसिस का नया पैकेज जोड़ा गया है। 

योजना में अस्पतालों का नेटवर्क बढ़ाने के लिए दो वर्ष के कार्य के स्थान पर एक वर्ष तथा सुपर स्पेश्यलिटी अस्पताल के लिए 6 माह का प्रावधान किया गया है। इससे एक माह में 87 नए अस्पताल योजना से जुड़े हैं। उपचार के लिए मना करने वाले अस्पतालों पर त्वरित कार्यवाही के लिए जिलेवार नोडल अधिकारी लगाए गए हैं। बैठक में कोविड की तीसरी लहर के दृष्टिगत 30 दिन में 100 से अधिक अस्पतालों को जोड़ने, निजी अस्पतालों में हेल्प डेस्क स्थापित करने, रेफरल सेवाओं का प्रावधान करने तथा धोखाधड़ी रोकने के लिए संभाग स्तर पर मेडिकल ऑडिटर्स का पैनल बनाने पर भी चर्चा की गई।

मंत्रिपरिषद ने बैठक में कोई भूखा ना सोए’ की संकल्पना को साकार करने की दृष्टि से शुरू की गई इंदिरा रसोई योजना को और बेहतर बनाने तथा इसके विस्तार पर चर्चा की गई. योजना में अब तक 341 करोड़ भोजन वितरण किया गया है. कोविंड की दूसरी लहर के समय जरूरतमंदों तथा कोविड संक्रमितों को 71 लाख निशुल्क भोजन पैकेट उपलब्ध कराए गए।

मंत्रिपरिषद ने योजना के सकारात्मक फीडबैक को देखते हुए अधिक आबादी वाले कस्बों, ग्रामीण पर्यटन स्थलों, धार्मिक स्थलों, नगरीय क्षेत्र के बाहर के भवन निर्माण रखनन एवं औद्योगिक श्रमिकों के लिए तथा रेलवे स्टेशन, अस्पतालों, कृषि एवं सब्जी मंडी आदि स्थानों पर इसका विस्तार करने का सुझाव दिया। राज्य में राजीव गांधी युवा विकास प्रेरक योजना पर भी बैठक में चर्चा की गई।

योजना में 2 हजार 500 राजीव गांधी युवा मित्रों का चयन करने तथा गांवों में 50 हजार महिला व पुरुष राजीव गांधी युवा पॉलन्टियर्स बनाये जाने हैं। साथ ही सीजीएचएस की तर्ज पर राजस्थान में भी विधायकों, पूर्व विधायकों अधिकारियों-कर्मचारियों एवं पेंशनर्स को कैशलेस उपचार के लिए आरजीएचएस योजना के क्रियान्वयन पर भी विचार विमर्श किया गया।

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