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जल्द होगा रोपवे का निर्माण, मिनटों में पूरा होगा गौरीकुंड से केदारनाथ धाम तक का सफर



रुद्रप्रयाग: आधुनिकता के इस दौर में अभिनव प्रयासों से शायद ही कोई क्षेत्र बचा हो। आस्था के केंद्र केदारनाथ धाम में भी अब आधुनिकता नजर आएगी। दरअसल बहुत जल्द गौरीकुंड से केदारनाथ तक के लिए रोपवे का निर्माण किया जाएगा। गौरतलब है कि 750 करोड़ रुपए की लागत वाली 12 किमी लंबी योजना के लिए डीपीआर बनाने की तैयारी शुरू हो गई है।

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केदारनाथ धाम हमेशा से श्रद्धालुओं के लिए आस्था का बिंदु रहा है। मौसम चाहे कैसा भी हो, देश के कोने कोने से भक्तजन धाम पहुंचकर बाबा केदार के दर्शन करते हैं। हर साल यात्रा में आने वाले श्रद्धालुओं की संख्या का नया रिकॉर्ड बनता है। आपको बता दें कि गौरीकुंड से केदारनाथ जाने के लिए फिलहाल वक्त में 16 किमी की पैदल यात्रा करनी पड़ती है।

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हालांकि छह-सात घंटे बचाने के लिए कई लोग हेली सेवा का इस्तेमाल करते हैं। लेकिन यह सेवा महंगी होने के कारण हर किसी के काम नहीं आ पाती। जिसे देखते हुए लंबे समय से गौरीकुंड से केदारनाथ तक रोपवे बनाने पर विचार किया जा रहा है। सरकार ने अध्य्यन रिपोर्ट के बाद मंजूरी दे दी थी। प्रदेश सरकार केंद्रीय सड़क परिवहन एवं राजमार्ग मंत्रालय के साथ अनुबंध कर चुकी है।

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मगर पीपीपी मोड में तैयार होने वाली इस परियोजना की अधिक लागत को देखते हुए निजी कंपनियों ने इसमें रुचि नहीं दिखाई। जिसकी वजह से मामला लटका रह गया है। मगर अब दोबारा कवायद शुरू हो गई है। सचिव पर्यटन दिलीप जावलकर ने बताया कि केदारनाथ रोपवे परियोजना में कुछ निजी कंपनियों ने रुचि ली है। इसे देखते हुए डीपीआर बनाने की तैयारी है।

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गौरतलब है कि डीपीआर के बाद कंपनी का चयन, टेंडर आदि प्रक्रिया पूरी की जाएंगी। सचिव पर्यटन के मुताबिक सरकार परियोजना को जल्द से जल्द जमीन पर उतारना चाहती है। लाजमी है कि इससे जहां श्रद्धालुओं का समय तो बचेगा ही, साथ ही हर आयु वर्ग के श्रद्धालु बाबा के दर्शन को आसानी से जा सकेंगे। इस दौरान श्रद्धालु उच्च हिमालयी क्षेत्र के मनोरम नजारों से भी रोमांचित होंगे।

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