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सुशीला तिवारी अस्पताल के डॉक्टरों का आभार, 850 ग्राम के नवजात को दी नई जिंदगी

सुशीला तिवारी अस्पताल के डॉक्टरों का आभार, 850 ग्राम के नवजात को दी नई जिंदगी

हल्द्वानी: चिकित्सक भगवान का रूप होते हैं। सुशीला तिवारी अस्पताल की डॉक्टरों की टीम ने भी एक ईश्वरीय कार्य किया है। एक नवजात शिशु को नई जिंदगी मिली है। 850 ग्राम के नवजात को स्वस्थ प्रसव के बाद डिस्चार्ज कर दिया गया है।

हल्द्वानी का सुशीला तिवारी अस्पताल अधिकतर खराब कारणों या विवादों के चलते प्रकाश में रहता है। मगर ये जरूरी है कि अस्पताल में होने वाले अच्छे कामों को भी रौशनी में लाया जाए। इस बार अस्पताल के डॉक्टरों ने नन्ही जान को तो बचाया ही साथ ही उसके परिवार को खुशी क पल दिए हैं।

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दरअसल बीते महीने हल्द्वानी की एक महिला ने बच्चे को जन्म दिया। चिंताजनक बात ये रही कि बच्चे का वजन मात्र 850 ग्राम था। बाल रोग विभाग की एसोसिएट प्रोफेसर डा. ऋतु रखोलिया के मुताबिक इतने कम वजन वाले बच्चों में कई तरह की दिक्कतें रहती हैं।

लाजमी है कि कोरोना संक्रमण के दौर में भी अस्पताल में भर्ती कर बच्चे को हर तरह से सुरक्षित रखना टीम के लिए बड़ी चुनौती थी। मगर ये सहयोगियों की टीम की मेहनत ही थी कि नवजात अब स्वस्थ हो गया है। 1.20 किलोग्राम वजन होने के बाद उसे डेढ़ महीने बाद डिस्चार्ज कर दिया गया है।

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डा. रखोलिया ने बताया कि सात दिन तक वेंटीलेटर में रखने के बाद नवजात का वजन बढ़ाना जरूरी था। इसलिए उसे दिनों तक पेट में नली द्वारा दूध दिया गया। संक्रमण से बचाने के लिए विशेष इंतजाम किए गए। उसे शिशु सिक नियोनेटल इंटेंसिव केयर यूनिट (एसएनसीयू) में डेढ़ माह के लिए रखा गया।

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प्राचार्य प्रो. अरुण जोशी ने इसे खुशी का क्षण बताया है। उन्होंने कहा कि मरीजों को बेहतर इलाज देने के लिए अस्पताल प्रबंधन प्रतिबद्ध हैं। बता दें कि टीम में डा. गुरप्रीत, डा. स्वाति, डा. श्रद्वा, सिस्टर ऋचा, ममता, अनीता ने बच्चे का खास ध्यान रखा।

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