Haridwar News

उत्तराखंड : पढ़ाई छोड़ बेटी बनी घर की कमाई का सहारा, नंदा यादव की कहानी सुन भावुक हो जाएंगे आप

Ad

NandaYadav | Uttarakhand | InspirationStory : जब परिवार पर आर्थिक संकट आया तो नंदा यादव ने अपने सपनों से पहले जिम्मेदारियों को चुना। उन्होंने पढ़ाई छोड़कर लोडर चलाना शुरू किया और आज वह अपने बीमार पिता, मां और घर के खर्च के साथ-साथ वाहन की किस्तें भी खुद संभाल रही हैं।

सराय निवासी राजेश और आरती पहले प्राइवेट सेक्टर में काम कर अपने बच्चों नंदा यादव और जितेंद्र का पालन-पोषण करते थे। बाद में नौकरी छूटने के बाद राजेश ने लोडर खरीदकर छोटा कारोबार शुरू किया…लेकिन लगातार हादसों ने परिवार को आर्थिक संकट में डाल दिया।

2024 में तीसरी गाड़ी भी दुर्घटनाग्रस्त हो गई…जिससे परिवार पर कर्ज और बढ़ गया। पिता की तबीयत खराब होने और आर्थिक दबाव को देखते हुए दसवीं तक पढ़ी नंदा यादव ने खुद स्टेयरिंग संभाल लिया।

आज नंदा यादव उत्तराखंड से लेकर देहरादून, ऋषिकेश, चंपावत, पिथौरागढ़ और हरियाणा तक माल ढुलाई का काम कर रही हैं और परिवार का सहारा बनी हुई हैं।

मां बनी सहारा और सुरक्षा कवच

नंदा जब भी काम पर निकलती हैं…उनकी मां आरती उनके साथ क्लीनर के रूप में बैठती हैं और उनकी सुरक्षा का भी ध्यान रखती हैं। मां का कहना है कि बेटियां किसी भी परिस्थिति में आगे बढ़ सकती हैं…बस उन्हें समर्थन और हौसला चाहिए।

आगे का सपना

नंदा यादव का सपना है कि परिवार की स्थिति सुधरने के बाद वह आगे की पढ़ाई पूरी करें और कंप्यूटर क्षेत्र में अपना करियर बनाएं। उनका कहना है कि मेहनत और लगन से हर मुश्किल को पार किया जा सकता है।

उनकी यह कहानी संघर्ष, जिम्मेदारी और आत्मनिर्भरता की एक मजबूत मिसाल है।

Ad Ad Ad Ad Ad Ad Ad Ad
To Top