
HaridwarNews | FakeDegree | UttarakhandNews : उत्तराखंड के हरिद्वार जिले से शिक्षा विभाग से जुड़ा एक बड़ा मामला सामने आया है। धनौरी स्थित नेशनल इंटर कॉलेज में कार्यरत इतिहास विषय की प्रवक्ता की एमए डिग्री जांच के दौरान फर्जी पाई गई है। एसआईटी की रिपोर्ट के बाद अब शिक्षा विभाग ने उनके खिलाफ विभागीय कार्रवाई की प्रक्रिया शुरू कर दी है।
जानकारी के अनुसार धनौरी के नेशनल इंटर कॉलेज में इतिहास की प्रवक्ता के पद पर कार्यरत रेनू कुमारी पर फर्जी शैक्षणिक प्रमाणपत्रों के आधार पर नौकरी हासिल करने का आरोप है। इस मामले की जांच अपराध अनुसंधान विभाग (सीआईडी) की विशेष जांच टीम (एसआईटी) ने की थी।
जांच के दौरान शिक्षिका के हाईस्कूल, इंटरमीडिएट, स्नातक (बीए) और परास्नातक (एमए) सहित सभी शैक्षणिक दस्तावेजों का सत्यापन कराया गया। जांच में सामने आया कि उनकी एमए (इतिहास) की डिग्री…जिसे हिमाचल प्रदेश के मानव भारती विश्वविद्यालय से जारी बताया गया था…सत्यापन के दौरान फर्जी पाई गई।
एसआईटी ने जांच पूरी करने के बाद संबंधित शिक्षिका के खिलाफ वैधानिक कार्रवाई की सिफारिश करते हुए अपनी रिपोर्ट विद्यालयी शिक्षा विभाग को भेज दी। इसके बाद महानिदेशक विद्यालयी शिक्षा ने मामले को गंभीर मानते हुए निदेशक माध्यमिक शिक्षा को आवश्यक कार्रवाई के निर्देश दिए। वहीं निदेशक माध्यमिक शिक्षा ने पूरे प्रकरण को मुख्य शिक्षा अधिकारी हरिद्वार के पास भेजते हुए नियमानुसार कार्रवाई करने को कहा है।
मुख्य शिक्षा अधिकारी नरेश कुमार हल्दियानी ने कहा कि मामले की पूरी जानकारी और दस्तावेजों की जांच के लिए नेशनल इंटर कॉलेज धनौरी के प्रबंधक को सभी संबंधित अभिलेखों के साथ उपस्थित होने के निर्देश दिए गए हैं। साथ ही संबंधित शिक्षिका को भी स्पष्टीकरण के लिए तलब किया गया है।
बताया जा रहा है कि वर्ष 2017 में उत्तराखंड में शिक्षकों के शैक्षणिक प्रमाणपत्रों की जांच के लिए एसआईटी का गठन किया गया था। इसी अभियान के दौरान यह मामला सामने आया। विभागीय सूत्रों के अनुसार यदि आरोप पूरी तरह सही पाए जाते हैं तो संबंधित शिक्षिका की सेवा समाप्त करने, अब तक मिले वेतन की वसूली करने और आपराधिक मुकदमा दर्ज कराने जैसी कार्रवाई की जा सकती है।
फिलहाल शिक्षा विभाग मामले में नियमानुसार आगे की कार्रवाई कर रहा है और सभी की नजरें विभाग के अगले फैसले पर टिकी हुई हैं।






