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ऐसा क्या हुआ जो रात 12 बजे डीएम दीपक रावत ने जारी किया वीडियो

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हरिद्वार:डीएम दीपक रावत अपनी कार्यशैली से पूरे देश में मशहूर है। वो जनता व जिले की सुरक्षा हर संभव प्रयास करने और उसे मुकाम तक पहुंचाने में यकीन रखते हैं। सबसे अहम बात वो अपने अधिकारियों को किसी भी आपतकाल के मौके के लिए तैयार रखते है। डीएम दीपक रावत अपने एक्शन के लिए सोशल मीडिया पर भी वायरल रहते है। युवा पीढ़ी उन्हें अपना हीरो मानती है। 6 मई की आधीरात डीएम दीपक रावत ने एक वीडियो जारी किया, जिसमें वो हरिद्वार जिले के डिस्ट्रिक्ट एमर्जेन्सी सेंटर पर है।

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उन्होंने डिस्ट्रिक्ट एमर्जेन्सी सेंटर से जिले भर के अधिकारियों को उनकी मुस्तैदी देखने के लिए फोन मिलाया। उन्होंने वीडियो में साफ किया कि जो ऑफिसर डिस्ट्रिक्ट एमर्जेन्सी सेंटर के फोन को रिसीव नहीं करेगा उसके खिलाफ वो एक्शन लेंगे। उन्होंने कहा कि ऑफिसर्स को आपदा घटनाओं के लिए तैयार रहना होगा, इसके लिए कोई भी एक्सकियूज़ बर्दाश्त नहीं किया जाएगा। डीएम दीपक रावत के 47 सेकेंड का वीडियो 6 मई को यूट्यूब में अपलोड किया गया। इस वीडियो को करीब 1 लाख 27 हजार लोगों से ज्य़ादा लोग देख चुके हैं।

डीएम दीपक रावत अपनी इस तरह कार्यशैली के कारण ही अपने आप को एक अलग प्रकार के अधिकारी के तौर पर प्रोजेक्ट करते हैं। उनका काम करने का तरीका बिल्कुल अलग है। इस वीडियो के सामने आने के बाद बड़ी तादात में लोग सोशल मीडिया पर प्रतिक्रिया दे रहे हैं। नैनीताल में रहते हुए डीएम अपने एक्शन लेने के लिए विख्यात रहें।आज भी नैनीताल की जनता अपने पूर्व डीएम को मिस करती है। उन्होंने नैनीताल में रहते हुए पॉलीथीन और केमिकल एसीड के खिलाफ अभियान जारी रखा। उनके रडार काफी मजबूत है। कानून तोड़ने वाले की उनकी शब्दकोष में कोई जगह नहीं है और उसे सजा का सामना कपना पड़ता है। अपनी इस छवि के कारण केवल उत्तराखण्ड ही नहीं पूरा देश डीएम दीपक रावत के नाम से परिचित है।

 

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