उतरांचल रोडवेज कर्मचारी यूनियन के अध्यक्ष ने कहा राम भरोसे है उत्तराखंड परिवहन निगम

हल्द्वानी: परिवहन निगम की माली हालत किस तरह की है, ये तो पिछले कुछ समय में बहुत अच्छी तरह से उजागर हुआ है। अब उतरांचल रोडवेज कर्मचारी यूनियन के प्रदेश अध्यक्ष कमल पपनै ने बयान जारी कर कहा है की करोना काल मे उत्तराखंड परिवहन निगम की हालत को राम भरोसे बताया है।

उन्होंने कहा कि प्रदेश भर के सहायक महाप्रबंधक डिपो की वित्तीय स्थिति की समीक्षा व आंकलन ना कर के निगम को घाटे की ओर धकेल रहे हैं। ज्ञात रहे कि वर्तमान में निगम अपने कर्मचारियों को 4 माह से वेतन भी नही दे सका है। आगे कमल पपनै ने कहा कि यूनियन के महामंत्री अशोक चौधरी की जनहित याचिका पर नैनीताल हाईकोर्ट में लगातार सुनवाई चल रही है। जिसमें राज्य सरकार द्वारा निगम को एकमुश्त वेतन के मद से रुपये जारी किए हैं जो एक या दो दिन में निगम को मिलने की उम्मीद है।

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पपनै ने कहा कि कई डिपो के महाप्रबंधकों द्वारा इस करोना काल मे भी बसों का संचालन पूरा कर खाली बसों को मार्ग में दौड़ाया जा रहा है। इनमें से ज्यादातर बसो में डीजल का खर्च तक नहीं निकल पा रहा है। जिससे विभाग का घाटा लगातार बढ़ रहा है। इन डिपो के सहायक महाप्रबंधक निगम व अनुबंधित बसों की आय की समीक्षा ना कर इनको रोज जबरन मार्गों पर भेज रहे हैं।

साथ ही कमल पपनै ने कहा कि घाटे में चल रहे उन डिपो में अनुबंधित बसों (वाल्वो/ए सी/साधारण) के संचालन पर पूरी तरह रोक लगाई जाए। जिसकी समीक्षा तीनो रीजन के मंडलीय महाप्रबंधक डिपो स्तर पर करें। प्रदेश के कई डिपो के चालक-परिचालक-लिपिक वर्ग इस महामारी की चपेट में आकर बीमार पड़े हैं और कई कर्मचारियों का निधन हो गया है। इसलिए ये निवेदन है कि जिन कर्मचारियों का ड्यूटी के दौरान निधन हुआ है उन कर्मचारियों के परिजनों को सरकार/निगम करोना वारियर्स घोषित कर उचित धनराशि दे।

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इसके अलावा 55 वर्ष से ऊपर के कर्मचारियों से भी डिपो में जबरदस्ती काम करवाया जा रहा है। किसी भी डिपो में वैक्सीन लगवाने के लिये कोई कैम्प नही लगाया गया है। पपनै के अनुसार परिवहन निगम के 30 फीसदी से ज्यादा कर्मचारी वर्तमान में कोरोना महामारी की चपेट में हैं। इन कर्मचारियों को विशेष अवकाश स्वीकृत किए जाने चाहिए।

उन्होंने कहा कि अन्य राज्यों से आ रही बसों में कार्यरत परिचालकों का कार्य बढ़ाया जा रहा है। उनके स्वास्थ्य को लेकर निगम प्रबन्धक को कोई चिन्ता नहीं है। बसों को सेनिटाइजर कर मार्ग पर भेजने व चालक-परिचालक को पीपीई किट उपलब्ध कराने व मार्ग पर अनुबंधित ढाबो का निरीक्षण किया जाना सुनिश्चित किया जाना चाहिए। यूनियन के अध्यक्ष कमल पपनै ने जल्द ही शीघ्र निगम के प्रबंध निदेशक को इस बारे में पत्र लिखकर जानकारी देने के बात कही। जिससे निगम के करोना योद्धाओं का मनोबल बढ़ सके।

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