
UttarakhandNews | MonsoonAlert | SEOC |DisasterManagement | RainAlert : उत्तराखंड में मानसून की दस्तक से पहले ही आपदा प्रबंधन तंत्र पूरी तरह सक्रिय हो गया है। राज्य सरकार ने 15 जून से मानसून सीजन मानते हुए स्टेट इमरजेंसी ऑपरेशन सेंटर (SEOC) को 24 घंटे के लिए सक्रिय कर दिया है। यह कंट्रोल रूम आने वाले महीनों में प्रदेशभर की आपदा संबंधी गतिविधियों पर नजर रखेगा।
देहरादून के आईटी पार्क स्थित यह केंद्र राज्य का मुख्य आपदा नियंत्रण केंद्र है। यहां से मौसम की स्थिति, भूस्खलन, सड़क बंद होने, बाढ़, अतिवृष्टि, बिजली और पेयजल जैसी आपात परिस्थितियों की लगातार निगरानी की जाती है। जरूरत पड़ने पर संबंधित विभागों को तुरंत अलर्ट जारी किया जाता है।
आपदा प्रबंधन विभाग के अनुसार मानसून के दौरान 20 से अधिक विभाग सीधे इस व्यवस्था से जुड़े रहते हैं। विभिन्न विभागों के नोडल अधिकारी तीन शिफ्टों में चौबीसों घंटे ड्यूटी पर रहते हैं…ताकि किसी भी आपदा की सूचना मिलते ही त्वरित कार्रवाई की जा सके।
अधिकारियों का कहना है कि किसी भी जिले से आपदा की सूचना मिलने पर कुछ ही मिनटों में पूरा सिस्टम सक्रिय हो जाता है। सूचना मिलते ही संबंधित विभागों, जिला प्रशासन, एसडीआरएफ, एनडीआरएफ और अन्य एजेंसियों को अलर्ट कर राहत एवं बचाव कार्य शुरू कर दिए जाते हैं।
कंट्रोल रूम में प्रतिदिन आने वाली सूचनाओं और उनके निस्तारण का रिकॉर्ड भी रखा जाता है। यदि कहीं सड़क बाधित होती है तो लोक निर्माण विभाग को, बिजली आपूर्ति प्रभावित होने पर ऊर्जा विभाग को और राहत-बचाव की जरूरत होने पर संबंधित एजेंसियों को तत्काल सक्रिय किया जाता है।
मानसून के दौरान मौसम विभाग की चेतावनियों पर भी विशेष नजर रखी जाती है। संभावित खतरे वाले क्षेत्रों में समय रहते अलर्ट जारी कर लोगों को सतर्क किया जाता है…ताकि नुकसान को कम किया जा सके।
उत्तराखंड भूस्खलन, बाढ़, बादल फटने और सड़क अवरोध जैसी आपदाओं के लिहाज से संवेदनशील राज्य माना जाता है। ऐसे में आगामी तीन महीनों तक SEOC प्रदेश के आपदा प्रबंधन का सबसे महत्वपूर्ण केंद्र बना रहेगा और किसी भी आपात स्थिति से निपटने के लिए चौबीसों घंटे तैयार रहेगा।






