
AjayPant | RamnagarNews | InternationalCase : नैनीताल जिले के रामनगर निवासी और अंतरराष्ट्रीय मालवाहक जहाज के कप्तान अजय पंत इन दिनों एक अंतरराष्ट्रीय कानूनी मामले को लेकर चर्चा में हैं। ब्रिटेन की जांच एजेंसी ने उन पर रूस से जुड़े प्रतिबंधों के कथित उल्लंघन का आरोप लगाया है। मामले के सामने आने के बाद उनका परिवार भारत सरकार से हस्तक्षेप कर कानूनी सहायता और सुरक्षित स्वदेश वापसी सुनिश्चित करने की मांग कर रहा है।
जानकारी के अनुसार अजय पंत एक तेल टैंकर के कप्तान के रूप में कार्यरत थे। जहाज रूस से कच्चा तेल लेकर भारत की ओर आ रहा था। इसी दौरान इंग्लिश चैनल से गुजरते समय ब्रिटिश सुरक्षा एजेंसियों ने विशेष अभियान चलाकर जहाज को अपने नियंत्रण में ले लिया और जांच शुरू की।
ब्रिटिश एजेंसियों का आरोप है कि जहाज रूस से जुड़े प्रतिबंधित तेल के परिवहन में इस्तेमाल किया जा रहा था। इसी आधार पर जहाज के संचालन से जुड़े लोगों के खिलाफ कानूनी कार्रवाई की गई है। अजय पंत को अदालत में पेश किए जाने के बाद न्यायिक हिरासत में भेज दिया गया है। मामले की अगली सुनवाई जुलाई में निर्धारित की गई है।
वहीं अजय पंत के परिवार का कहना है कि वह कई वर्षों से समुद्री क्षेत्र में कार्य कर रहे हैं और उनका रिकॉर्ड हमेशा साफ-सुथरा रहा है। परिवार का दावा है कि वह केवल अपनी कंपनी के निर्देशों के अनुसार कार्य कर रहे थे…और किसी भी कथित नियम उल्लंघन में उनकी व्यक्तिगत भूमिका नहीं थी।
अजय पंत की पत्नी ऋतु पंत ने सरकार से मामले में हस्तक्षेप करने की अपील की है। उन्होंने कहा कि पूरा परिवार इस स्थिति से मानसिक और भावनात्मक रूप से प्रभावित है तथा उन्हें न्याय मिलने की उम्मीद है। परिवार का कहना है कि वे चाहते हैं कि मामले की निष्पक्ष जांच हो और अजय पंत को उचित कानूनी सहायता उपलब्ध कराई जाए।
मामले के सामने आने के बाद उत्तराखंड सरकार भी सक्रिय हुई है। राज्य सरकार की ओर से विदेश मंत्रालय से संपर्क कर आवश्यक सहयोग मांगा गया है। साथ ही भारतीय उच्चायोग के माध्यम से आवश्यक सहायता उपलब्ध कराने की प्रक्रिया भी शुरू की गई है।
फिलहाल यह मामला अंतरराष्ट्रीय स्तर पर चर्चा का विषय बना हुआ है। परिवार और शुभचिंतकों को उम्मीद है कि कानूनी प्रक्रिया के दौरान अजय पंत को न्याय मिलेगा और वे जल्द सुरक्षित अपने घर लौट सकेंगे।






