
INDvsENG | LordsTest | WomenCricket | TeamIndia | HistoricWin : भारतीय महिला क्रिकेट टीम ने क्रिकेट के सबसे प्रतिष्ठित मैदानों में शामिल लॉर्ड्स में शानदार प्रदर्शन करते हुए इतिहास रच दिया। एकमात्र टेस्ट मैच में भारत ने इंग्लैंड को 270 रन के बड़े अंतर से हराकर यादगार जीत दर्ज की। यह मुकाबला लॉर्ड्स में खेला गया पहला महिला टेस्ट था और भारतीय टीम ने इसे अपने नाम कर नया इतिहास लिख दिया।
मैच के चौथे और अंतिम दिन इंग्लैंड को जीत के लिए 457 रन का लक्ष्य मिला था। लेकिन भारतीय गेंदबाजों के शानदार प्रदर्शन के सामने मेजबान टीम ज्यादा देर टिक नहीं सकी और 62.5 ओवर में 186 रन पर ऑलआउट हो गई।
भारत की जीत में ऑफ स्पिनर स्नेह राणा ने अहम भूमिका निभाई। उन्होंने 42 रन देकर चार विकेट लिए और इंग्लैंड की बल्लेबाजी को पूरी तरह दबाव में रखा। वहीं सयाली सतघरे, दीप्ति शर्मा और क्रांति गौड़ ने दो-दो विकेट लेकर टीम की जीत को आसान बना दिया।
इंग्लैंड की ओर से विकेटकीपर बल्लेबाज एमी जोन्स ने 54 रन और सोफी एक्लेस्टोन ने 50 रन की संघर्षपूर्ण पारी खेली….लेकिन बाकी बल्लेबाज भारतीय गेंदबाजों के सामने टिक नहीं सके।
भारत ने पहली पारी से ही मैच पर अपनी पकड़ मजबूत कर ली थी। बल्लेबाजी में स्मृति मंधाना ने महत्वपूर्ण योगदान दिया…जबकि यास्तिका भाटिया ने शानदार शतक लगाकर टीम को मजबूत स्थिति में पहुंचाया। भारतीय बल्लेबाजों के दमदार प्रदर्शन के बाद गेंदबाजों ने भी अपनी जिम्मेदारी बखूबी निभाई।
तेज गेंदबाज क्रांति गौड़ ने पहली पारी में पांच विकेट लेकर सभी का ध्यान अपनी ओर खींचा। उनके इस प्रदर्शन से लॉर्ड्स के प्रतिष्ठित ऑनर बोर्ड में उनका नाम दर्ज हो गया….जो किसी भी क्रिकेटर के लिए बड़ी उपलब्धि मानी जाती है।
पूरे मैच में भारतीय गेंदबाजों ने अनुशासित लाइन और लेंथ के साथ गेंदबाजी की। तेज गेंदबाजों ने नई गेंद से लगातार दबाव बनाया…जबकि स्पिन गेंदबाजों ने बीच के ओवरों में महत्वपूर्ण विकेट निकालकर इंग्लैंड की वापसी की उम्मीद खत्म कर दी।
यह जीत इसलिए भी खास मानी जा रही है क्योंकि लॉर्ड्स में पहली बार महिला टेस्ट मैच खेला गया और भारत ने इस ऐतिहासिक मुकाबले में जीत दर्ज कर अपने नाम एक नई उपलब्धि जोड़ ली।
इस जीत के साथ भारत ने महिला टेस्ट क्रिकेट में इंग्लैंड के खिलाफ अपना शानदार रिकॉर्ड भी मजबूत किया। दोनों टीमों के बीच अब तक खेले गए 16 टेस्ट मैचों में भारत ने चार मुकाबले जीते हैं….जबकि इंग्लैंड को केवल एक जीत मिली है। बाकी 11 मुकाबले ड्रॉ रहे हैं।
मैच के दौरान महान बल्लेबाज सचिन तेंदुलकर भी भारतीय टीम का उत्साह बढ़ाने के लिए मौजूद रहे। वहीं आईसीसी चेयरमैन जय शाह ने भी खिलाड़ियों को जीत की बधाई दी।






