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हार के मुंह से जीत निकालना जानती है उत्तराखण्ड की अंडर-19 टीम, फिर किया साबित

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हल्द्वानी: पिछले एक साल से क्रिकेट उत्तराखण्ड में खूब वायरल हो रहा है। हो भी क्यों ना राज्य की टीम घरेलू सीजन में शिरकत करने लगी है। नतीजे कुछ भी रहे लेकिन फैंस अपनी टीम को सपोर्ट करने के लिए हर वक्त उत्साहित नजर आते हैं। सीनियर टीम भले ही रणजी ट्रॉफी में अपनी पहली जीत की तलाश में हो लेकिन उत्तराखण्ड की जूनियर टीम यानी अंडर-19 टीम ने साल के अंत में फैंस को जीत का तोहफा दिया है। इस टीम ने कूच बिहार ट्रॉफी में बैकफुट में होने के बाद भी मुकाबले को अपने पक्ष में किया है। साल के अंतिम मुकाबले में उत्तराखण्ड अंडर-19 टीम ने जम्मू-कश्मीर में को 6 विकेट से मात दी।

पहले बल्लेबाजी करते हुए जेके ने 203 रन बनाए। जवाब में उत्तराखण्ड ने 313 रन बनाकर 110 रनों की बढ़त हासिल की। गेंदबाजों ने इस बढ़त का फायदा उठाया और जेके को दूसरी पारी में 166 रनों पर ऑल आउट कर दिया। जीत के लिए उत्तराखण्ड को 57 रनों का टार्गेट मिला था जो उसने 6 विकेट रहते हासिल कर लिया। इस मुकाबले में उत्तराखण्ड के लिए बल्लेबाजी में कुनाल ने 89 , गौरव जोशी ने 74 और अखिल रावत ने 70 रनों की पारी खेली। इस पारी के बदौलत ही उत्तराखण्ड पहली पारी में बढ़त बनाने में कामयाब रहा। वहीं गेंदबाजी में पहली पारी में गौरव नेगी ने 7 विकेट हासिल किए। और दूसरी पारी में अंकित ने 6 विकेट हासिल करके बताया कि यह टीम किसी भी प्रस्थिति से निकलकर मुकाबले को अपने नाम कर सकती है। यह हम ऐसे ही नहीं कह रहे हैं।

त्रिपुरा के खिलाफ उत्तराखण्ड की अंडर-19 टीम इस बात को सच साबित कर चुकी है। त्रिपुरा के खिलाफ अंडर-19 टीम पहली पारी में 79 रनों पर ऑल हुई थी। विपक्षी टीम ने 74 रनों की बढ़त भी हासिल की थी लेकिन इसके बाद भी टीम ने ना सिर्फ मुकाबले में वापसी की बल्कि मुकाबले को अपने नाम भी किया। इस मुकाबले में अंकित ने 10 विकेट अपने नाम किए थे।

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