
Pithoragarh News | Conversion Case | Double Benefit Issue | Uttarakhand News | High Court | SC Reservation | Christian Conversion : उत्तराखंड के पिथौरागढ़ जिले में धर्म परिवर्तन के बाद भी सरकारी सुविधाओं और आरक्षण का लाभ लेने के आरोपों का मामला अब हाईकोर्ट पहुंच गया है। इस मामले में जल्द बड़ा खुलासा होने की उम्मीद जताई जा रही है। उच्च न्यायालय ने सुनवाई के दौरान कथित तौर पर दोहरा लाभ लेने वाले लोगों को भी पक्षकार बनाने के निर्देश दिए हैं।
जानकारी के अनुसार जिले के बाल्मीकि समुदाय के करीब 15 परिवारों ने कुछ वर्ष पहले ईसाई धर्म अपना लिया था। इस मामले को लेकर उस समय भी काफी विवाद हुआ था। अब सफाई कर्मचारी संघ के वरिष्ठ नेता और सामाजिक कार्यकर्ता Darshan Lal इस मुद्दे को लगातार उठा रहे हैं।
दर्शन लाल का आरोप है कि धर्म परिवर्तन के बाद भी कई लोग अनुसूचित जाति को मिलने वाले आरक्षण और अन्य सरकारी लाभ ले रहे हैं। उनका कहना है कि नियमों के अनुसार ईसाई धर्म अपनाने के बाद अनुसूचित जाति से जुड़े लाभ नहीं मिलने चाहिए। उन्होंने सवाल उठाया कि आखिर इन लोगों को किस आधार पर अनुसूचित जाति प्रमाण पत्र जारी किए गए।
इस मांग को लेकर दर्शन लाल ने कुछ समय पहले कलेक्ट्रेट परिसर में तीन दिन तक आमरण अनशन भी किया था। प्रशासन ने कार्रवाई का आश्वासन देकर आंदोलन समाप्त कराया था….लेकिन अब तक कोई ठोस कार्रवाई नहीं हुई। इसके बाद उन्होंने मामले को लेकर उच्च न्यायालय में जनहित याचिका दायर की।
हाईकोर्ट की खंडपीठ ने सुनवाई के दौरान धर्म परिवर्तन करने वाले लोगों को भी मामले में पक्षकार बनाने के निर्देश दिए हैं। वहीं चर्च से जुड़े सूत्रों के अनुसार करीब 15 वर्ष पहले 15 लोगों ने स्वेच्छा से ईसाई धर्म अपनाया था और वे नियमित रूप से चर्च की गतिविधियों में शामिल होते हैं।
अपर जिलाधिकारी Yogendra Singh ने कहा कि जिले में धर्म परिवर्तन से जुड़े मामलों का सत्यापन कराया जा रहा है। सभी उपजिलाधिकारियों को निर्देश दिए गए हैं कि यह सुनिश्चित किया जाए कि कोई व्यक्ति मतांतरण के बाद दोहरा लाभ न ले रहा हो। यदि ऐसा मामला सामने आता है तो नियमानुसार कार्रवाई की जाएगी।






