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भाष्कर खुल्‍बे बने पीएम मोदी के सलाहकार, DSB नैनीताल से की है पढ़ाई

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हल्द्वानी: उत्तराखण्ड एक बार फिर सुर्खियों में हैं। नैनीताल के डीएसबी से पढ़ाई कर चुके हैं रिटायर्ड IAS भाष्कर खुल्बें को प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी का सलाहकार नियुक्त किया गया है। आइएएस खुल्बे कुछ समय पूर्व प्रधानमंत्री सचिव पद से सेवानिवृत्त हुए हैं। शुक्रवार को मंत्रिमंडल की नियुक्ति समिति ने सलाहकार के रूप में भास्कर खुल्बे और अमरजीत सिन्हा की नियुक्ति को मंजूरी दी। भास्कर खुल्बे का नैनीताल से कनेक्शन होने के वजह से उत्तराखण्ड वासियों में काफी खुशी है। राज्य से तालुख रखने वाले लोग बड़े पदों पर हैं और यह बात युवाओं को आगे बढ़ने के लिए प्रेरित करती हैं।

साल  1983 बैच के अमरजीत सिन्हा बिहार कैडर के आईएएस अधिकारी रहे हैं, जबकि भाष्‍कर खुल्‍बे पश्चिम बंगाल कैडर के अधिकारी रहे हैं। IAS खुल्बे इससे पहले भी प्रधानमंत्री कार्यालय में काम किया है, जबकि सिन्हा ने ग्रामीण विकास सचिव के रूप में कार्य कर चुके हैं।

1983 बैच के आइएएस भाष्कर खुल्बे पश्चिम बंगाल कैडर के आइएएस हैं। उनकी पहली तैनाती निदेशक मत्स्य के रूप में हुई थी। वह मूल रूप से अल्मोड़ा जिले के भतराैंजखान के सीम गांव के रहने वाले हैं। उनके पिता स्व. ख्यालीराम खुल्बे पेशे से ठेकेदार थे। नैनीताल में वह रिक्शा स्टैंड के समीप रहते थे। वह डीएसबी नैनीताल के छात्र भी रह चुके हैं। साल 1979 में डीएसबी कॉलेज से पासआउट होने के बाद आइएएस, फिर आइएमए और उसके बाद फ़ॉरेस्ट सर्विस की परीक्षा उत्तीर्ण की।

IAS भाष्कर खुल्बे की पत्नी मीता भी आइएएस अधिकारी रही हैं। मीता के पिता स्वर्गीय नवीन चंद्र जोशी जानेमाने अर्थशास्त्री थे। उनकी बैंकिंग पर कई पुस्तकें प्रकाशित हुईं।  मीता के नाना चीनाखान अल्मोड़ा से 1930 के दशक में अजमेर जा बसे थे। भाष्कर खुल्बे कवि भी हैं। आइएएस भाष्कर खुल्बे बंगाल के लोकप्रिय मुख्यमंत्री ज्‍योति बसु के चहेते रहे। उनका नाम पीएम नरेन्द्र मोदी के चहेते अधिकारियों की लिस्ट में शामिल है। इसी वजह है कि सेवानिवृत्त होने के बाद उन्हें फिर से महत्वपूर्ण जिम्मेदारी दी गई है।

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