Uttarakhand News

एलोपैथी विवाद: IMA उत्तराखंड ने बाबा रामदेव को दी खुली चुनौती, सार्वजनिक बहस के लिए बुलाया

एलोपैथी विवाद: IMA उत्तराखंड ने बाबा रामदेव को दी खुली चुनौती, सार्वजनिक बहस के लिए बुलाया
Ad

देहरादून: हाल ही में योग गुरु बाबा रामदेव द्वारा एलोपैथी को लेकर दिया गया बयान काफी विवादों को खड़ा कर रहा है। सभी डॉक्टर्स इस रवैए से खासा नाराज हैं और तरह तरह से बाबा को घेरने की कोशिश कर रहे हैं। अब आईएमए उत्तराखंड की ओर से बाबा रामदेव को खुली बहस की चुनौती दी गई है। एसोसिएशन सचिव ने कहा हम केवल पांच सवाल पूछना चाहते हैं।

ADVERTISEMENTS Ad

हुआ ये कि हाल ही में बाबा रामदेव ने एक वीडियो में एलोपैथी चिकत्सा को ‘मूखर्तापूर्ण विज्ञान ‘ बताया था। जो कि वायरल हो गया। इसमें स्वामी रामदेव ने कहा था कि एलोपैथिक दवाएं खाने से लाखों लोगों की मौत हुई है। इतना ही नहीं इससे डॉक्टरों तक की जान ना बच सकी। उनके इस बयान के बाद ही देशभर के डॉक्टरों में गुस्सा बढ़ गया है।

फिलहाल विवाद रुकने का नाम नहीं ले रहा है। अब इंडियन मेडिकल एसोसिएशन उत्तराखंड ने बाबा रामदेव को विशेषज्ञों और मीडिया के सामने खुली बहस की चुनौती दे दी है। सचिव डा. खन्ना ने पांच विशेषज्ञों को लेकर बाबा आएं और खुलकर बात करें। उन्होंने कहा कि ऐलोपैथी और डॉक्टरों को लेकर बयानबाजी करने वाले बाबा सारी दुनिया के सामने उनसे बात करें, वो इसके लिए पूरी तरह तैयार हैं।

यह भी पढ़ें: कोरोना: मौतों के आंकड़ों ने बढ़ाई उत्तराखंड की चिंता,देश भर में दूसरे स्थान पर पहुंचा डेथ रेट

यह भी पढ़ें: उत्तराखंड: कंपनी से फोन आया कह कर काम पर लौटा युवक,किराए के कमरे में खत्म की अपनी जिंदगी

डॉ खन्ना का कहना है कि जिन डॉक्टरों के कारण इतनी जानें बची हैं। जिन डॉक्टरों ने दिन रात मरीजों के सेवा की है। उन डॉक्टरों पर बाबा रामदेव का यह रवैया और सार्वजनिक रूप से मजाक उड़ाना वाकई डॉक्टरों के मनोबल को तोड़ने का काम करेगा। उन्होंने कहा कि बाबा ऐलोपैथी के बारे में बिना ज्ञान के बातें कर रहे हैं और जबाव मांग रहे हैं। अगर बाबा इतने बड़े ज्ञानी हैं तो सार्वजनिक मंच पर आकर क्यों बहस नहीं करते।

गौरतलब हो कि बाबा रामदेव ने डॉक्टरों के लिए 25 सवाल जारी किए थे। जिसके बाद इंडियन मेडिकल एसोसिएशन ने उन्हें लीगल नोटिस जारी किया था। एसोसिएशन ने कहा था हम उनके सवालों के जवाब देने को तैयार हैं, लेकिन पहले उन्हें अपनी योग्यता साबित करनी होगी। अगर बाबा 15 दिनों के भीतर माफी नहीं मांगेंगे तो उनके खिलाफ एक हजार करोड़ रुपये का मानहानि का दावा किया जाएगा।

यह भी पढ़ें: नैनीताल: अब खिलौने बन कर नहीं रहेंगे ग्रामीणों के मोबाइल,गांवों तक पहुंचेगी 4G इंटरनेट सेवा

यह भी पढ़ें: उत्तराखंड:दुगड्डा ब्लॉक के गांव में कई बकरियों की अज्ञात कारणों से मौत,पशुपालकों में हड़कंप

यह भी पढ़ें: उत्तराखंड बोर्ड के बच्चे 9वीं कक्षा के परिणामों का फल 10वीं में चखेंगे, इस तरह होंगे पास

यह भी पढ़ें: इंग्लैंड दौरे के लिए बहाया जा रहा है पसीना,रौंगटे खड़े कर देगा भारतीय महिला क्रिकेट टीम का Video

ADVERTISEMENTS Ad
To Top