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मुख्यमंत्री धामी से मिलने के बाद प्रीतम सिंह को क्यों देना पड़ा कांग्रेस में गुटबाजी पर जवाब…

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देहरादून: राजनीति में एक दूसरे से मिलना जुलना कोई बड़ी बात नहीं है। लेकिन एक मुलाकात की टाइमिंग काफी चर्चाओं को जन्म दे देती है। बीती शाम कांग्रेस पार्टी ने उत्तराखंड में अपने अध्यक्ष, नेता प्रतिपक्ष और उप नेता प्रतिपक्ष के नामों की घोषणा की। जिसके तुरंत बाद खबर आई कि पूर्व नेता प्रतिपक्ष प्रीतम सिंह मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी से मिलने पहुंचे हैं।

गौरतलब है कि चुनावों में मिली करारी हार के बाद से ही कांग्रेस में अंदरूनी कलह चल रही है। बार-बार गुटबाजी की खबरें सामने आ रही हैं। पार्टी के पर्यवेक्षक व राष्ट्रीय महासचिव अविनाश पांडेय ने तैयार कर हाईकमान को समीक्षा रिपोर्ट सौंपी थी। इसमें पार्टी की हार के लिए गुटबाजी को दोषी ठहराया गया है। इसी को लेकर अब चकराता से कांग्रेस के विधायक प्रीतम सिंह ने बड़ा बयान दिया है। उन्होंने कहा कि पार्टी को एक जांच करानी चाहिए।

प्रीतम सिंह ने कहा कि अगर पार्टी गुटबाजी के कारण हारी है और केंद्रीय नेतृत्व की जांच में मुझे दोषी पाया जाता है तो मैं विधायक पद से इस्तीफा दे दूंगा। बतौर प्रीतम मेरे पास विकल्प है। चकराता की जनता ने मुझे चुन कर भेजा है। मैं उनके विधायक के रूप में काम कर रहा हूं। वहीं, बीती शाम को प्रीतम सिंह की मुख्यमंत्री धामी से हुई मुलाकात के भी कई सियासी मायने निकाले जा रहे हैं।

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हालांकि इस मुलाकात के बारे में प्रीतम सिंह और मुख्यमंत्री धामी दोनों की तरफ से एक ही बात कही गई है। उनका कहना है कि इस मुलाकात में चर्चा केवल राज्य के विकास और बेहतरी को लेकर हुई है। लेकिन सियासी गलियारों में हमेशा की तरह कयास लगाए जा रहे हैं। देखना दिलचस्प होगा कि आने वाले दिन कांग्रेस पार्टी को लेकर कैसे गुजरते हैं।

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