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डेढ़ महीने बाद आया राहत भरा दिन, सुशीला तिवारी अस्पताल में इतनी रह गई कोरोना मरीजों की संख्या

डेढ़ महीने बाद आया राहत भरा दिन, सुशीला तिवारी अस्पताल में इतनी रह गई कोरोना मरीजों की संख्या

हल्द्वानी: कोरोना महामारी ने घरों में रहने को मजबूर किया सो अलग, लोगों को रोने बिलखने पर भी मजबूर किया। कई परिवारों के ऊपर ये दौर काल बन कर आया। हल्द्वानी में भी अप्रैल से हालत बिगड़ने में लगे हुए थे। लगातार संक्रमण फैल रहा था। जिससे सबसे अधिक दबाव हल्द्वानी पर आ रहा था। सुशीला तिवारी अस्पताल समेत बाकी अस्पतालों में बेड खाली नहीं थे।

लोग ऑक्सीजन के लिए इधर उधर भटक रहे थे। प्लाज्मा के लिए परिवारजन क्या क्या नहीं कर रहे थे। मगर कहते हैं ना तूफान आता है तो धीरे धीरे जाता भी है। लिहाजा कोरोना संक्रमण अभी पूरी तरह से गया नहीं मगर केस की संख्या में लगातार हो रही कमी इस बात की ओर इशारा करती है कि बहुत जल्द सब ठीक होने वाला है। विशेषज्ञों का मानना भी यही है।

बता दें कि हल्द्वानी के सुशीला तिवारी अस्पताल से 40 दिन बाद राहत भरी खबर आई है। यहां कोविड के मरीजों की संख्या कम हुई है। जिसके साथ ही 170 ऑक्सीजन बेड खाली हो गए हैं। एसटीएच के एमएस डॉ. अरुण जोशी ने बताया कि अस्पताल में कोविड पॉजिटिव 264 मरीज भर्ती हैं। 130 की हालत गंभीर है और 50 अतिगंभीर है।

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जानकारी के अनुसार 16 मई को 385, 17 मई को 347, 18 मई को 329, 19 मई को 311 और 20 मई को 283 मरीज अस्पताल में भर्ती थे। डॉ जोशी ने बताया कि कोविड से चार नैनीताल तो दो अल्मोड़ा के मरीजों की मौत हुई। जबकि 22 मरीजों को डिस्चार्ज किया गया। इसके अलावा किच्छा निवासी ब्लैक फंगस का एक संदिग्ध मरीज एसटीएच में भर्ती है।

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अन्य जानकारी से अवगत कराते हुए डॉ. जोशी बताते हैं कि शुक्रवार को एंपोटेरिसिन इंजेक्शन की पांच वॉयल प्राप्त हुई हैं। हालांकि ये इंजेक्शन मरीज को बिना कमिटी की निगरानी के नहीं दिया जाना है। उन्होंने बताया कि मरीज की हालत गंभीर है।

एसीएमओ डॉ. रश्मि पंत ने जानकारी दी। उन्होंने बताया कि ब्लैक फंगस के 20 वॉयल इंजेक्शन आए हैं। जिसमें से पांच वॉयल एसटीएच को दिए हैं। इसके अलावा कृष्णा हास्पिटल एंड रिसर्च सेंटर में भर्ती ब्लैक फंगस के मरीज को उसके परिवारजन अपनी इच्छा से दिल्ली ले गए। यहां के डॉ. हरभजन सिंह ने इस बात की पुष्टि करते हुए बताया कि मरीज हल्द्वानी का ही था।

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