
Dehradun | Uttarakhand | vedikaa Varma : जिस उम्र में अधिकांश बच्चे खिलौनों और खेलकूद में व्यस्त रहते हैं उसी उम्र में देहरादून की पांच वर्षीय वेदिका वर्मा क्रिकेट के मैदान पर अपने हुनर से सभी का ध्यान आकर्षित कर रही हैं। महज आठ महीने पहले क्रिकेट खेलना शुरू करने वाली वेदिका आज अपनी शानदार विकेटकीपिंग, फुर्तीली फील्डिंग और आत्मविश्वास से भरी बल्लेबाजी के दम पर अलग पहचान बना रही हैं।
वेदिका लिटिल मास्टर क्रिकेट क्लब में नियमित अभ्यास करती हैं। छोटी उम्र के बावजूद वह अपने से बड़े खिलाड़ियों के साथ पूरे आत्मविश्वास से मैदान में उतरती हैं। विकेट के पीछे उनकी तेजी और गेंद पकड़ने की क्षमता देखकर कोच भी प्रभावित हैं। वह तेज रफ्तार से आने वाली गेंदों को आसानी से ग्लव्स में समेट लेती हैं और फील्डिंग के दौरान भी अपनी चुस्ती से सभी को हैरान कर देती हैं।
बल्लेबाजी में भी वेदिका लगातार बेहतर प्रदर्शन कर रही हैं। उनके शॉट और तकनीक उम्र से कहीं अधिक परिपक्व दिखाई देते हैं। पिछले आठ महीनों से वह क्रिकेट कोच किरण शाह और नरेंद्र शाह के मार्गदर्शन में खेल की बारीकियां सीख रही हैं।
वेदिका का अनुशासन भी अन्य बच्चों के लिए प्रेरणा बन रहा है। वह हर दिन अभ्यास शुरू करने से पहले मैदान के पांच चक्कर लगाकर दौड़ती हैं और फिर कई घंटों तक नेट्स में मेहनत करती हैं। यही लगन और मेहनत उन्हें लगातार आगे बढ़ा रही है।
वेदिका वर्तमान में कक्षा एक की छात्रा हैं और नेहरूग्राम स्थित अकेशिया पब्लिक स्कूल में पढ़ाई कर रही हैं। उनके पिता विमल वर्मा प्लंबर का कार्य करते हैं…जबकि माता सोमती वर्मा गृहिणी हैं। सीमित संसाधनों के बावजूद परिवार बेटी के सपनों को पूरा करने में हर संभव सहयोग कर रहा है। उनके बड़े भाई शौर्य वर्मा भी उन्हें लगातार प्रोत्साहित करते हैं।
वेदिका भारतीय क्रिकेट के महान बल्लेबाज सचिन तेंदुलकर को अपना आदर्श मानती हैं। उनका सपना भविष्य में भारतीय महिला क्रिकेट टीम की जर्सी पहनकर देश का प्रतिनिधित्व करना है।
क्रिकेट कोच नरेंद्र शाह का कहना है कि इतनी कम उम्र में वेदिका का खेल के प्रति समर्पण, अनुशासन और सीखने की ललक बेहद प्रेरणादायक है। उनका मानना है कि यदि वेदिका इसी तरह मेहनत करती रहीं तो आने वाले समय में वह उत्तराखंड ही नहीं…बल्कि पूरे देश का नाम रोशन कर सकती हैं।
वेदिका की मेहनत और जुनून यह साबित करता है कि अगर हौसले बुलंद हों और परिवार का साथ मिले…तो छोटी उम्र भी बड़े सपनों की राह में बाधा नहीं बनती।






