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पटवारी पेपर लीक:सेक्शन ऑफिसर संजीव चतुर्वेदी निकला पुराना सौदागर, तीन अन्य भर्तियों पर भी खतरा

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देहरादून: पटवारी परीक्षा भर्ती का पेपर लीक होने का मामला सामने आते ही कई खुलासे हुए हैं। राज्य लोकसेवा आयोग के सेक्शन ऑफिसर संजीव चतुर्वेदी सहित पांच लोगों को एसटीएफ ने गिरफ्तार कर लिया है। इसमें संजीव की पत्नी भी शामिल हैं। सभी के खिलाफ कनखल थाने में एफआईआर दर्ज की गई है। संजीव चतुर्वेदी की गिरफ्तार के बाद कई राज सामने आ गए हैं। परीक्षा पेपरों को बेचने के काम वह साल 2018 से कर रहा था। वहीं पटवारी भर्ती के अलावा अन्य तीन भर्तियों के पेपर लीक होने की बात सामने आ रही है। इस लिस्ट में जेई, एई और प्रवक्ता भर्ती शामिल है। एसटीएफ संजीव से पूछताछ कर रही है और माना जा रहा है कि कुछ बड़े खुलासे हो सकते हैं। जिन तीन भर्तियों के पेपर लीक होने की बात सामने आ रही हैं उनके नतीजे साल 2021 में घोषित हो गए हैं।

पेपर लीक करके संजीव चतुर्वेदी ने अभ्यर्थियों से लेकर करोड़ो रुपए कमाए। जेई, एई और प्रवक्ता भर्ती का पेपर लीक करने के लिए संजीव ने 30 से 50 लाख रुपये प्रति अभ्यर्थी लिए हैं। अब एसटीएफ उन अभ्यर्थियों तक पहुंचने का प्रयास कर रही है जिन्होंने पेपर खरीदे हैं। पेपर खरीदने वाले कुछ अभ्यर्थियों की संख्या एसटीएफ के हाथ लगी है। अग ये संख्य़ा बढ़ती है तो परीक्षा को रद्द करने का फैसला भी लिया जा सकता है।

 भर्ती घोटले के सामने आने के बाद पूरा उत्तराखंड एक ही सवाल पूछ रहा है। क्या नकलमाफियों के वजह से उत्तराखंड के युवाओं की उम्र परीक्षा देते हुए ही निकल जाएगी। उनका किया जो केवल परिश्रम पर विश्वास करते हैं और अपने अमूल्य समय लगाकर सपना साकार करने की कोशिश कर रहे हैं।

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