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सीएम धामी ने एक और अधिकारी को किया सस्पेंड, मामला करोड़ों के गोलमाल का है…!

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देहरादून: प्रदेश सरकार जीरो टॉलरेंस की नीति पर आगे बढ़ रही है। हो ना हो, मगर इस बार वादे के अनुसार काम तो हो रहा है। भ्रष्टाचार पर एक बार फिर सीएम धामी ने कड़ा प्रहार किया है। सरकार ने अब सूर्यधार बैराज योजना निर्माण के कार्य अवधि के दौरान कार्यरत सिंचाई विभाग के अधिशासी अभियंता डीके सिंह को सस्पेंड कर दिया है ।

आदेश जारी हो गया है। जिसके मुताबिक सूर्यधार बैराज योजना निर्माण कार्य के अवधि के दौरान कार्यरत श्री डी०के०सिंह, अधिशासी अभियन्ता, सिचाई खण्ड देहरादून द्वारा सूर्यधार बैराज योजना निर्माण कार्यों में पाई गई वित्तीय अनियमितता के दृष्टिगत श्री जीवन चन्द्र जोशी, निदेशक, प्रशिक्षण सेंटर फॉर ट्रेनिंग एण्ड रिसर्च इन फाइनेशियल एडमिनिस्ट्रेशन की अध्यक्षता में त्रि-सदस्य समिति का गठन किया गया।

जिसके क्रम में जांच समिति द्वारा अपने पत्रांक- 77 / सूर्यधार बैराज / जाच / 2022-23 दिनांक 20 सितम्बर 2022 के द्वारा जांच आख्या उपलब्ध कराई गई है। चूंकि उक्त जांच आख्या के आधार पर श्री डी0के0 सिंह, तत्कालीन अधिशासी अभियन्ता, सिचाई खण्ड देहरादून के विरूद्ध अनुशासनिक कार्यवाही प्रस्तावित (Contemplated) है एवं जिन्हें जांचोपरान्त दण्ड दिया जा सकता है।

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अंत प्रश्नगत जांच आख्या में इंगित अनियमितताओं के दृष्टिगत श्री डी०के०सिंह, अधिशासी अभियन्ता को एतद्द्वारा तात्कालिक प्रभाव से निलम्बित किया जाता है। साथ ही निलम्बन की अवधि में श्री डी०क०सिंह, अधिशासी अभियनता को वित्तीय नियम संग्रह खण्ड-2 भार 2 से 4 के मूल नियम 53 के प्राविधानों के अनुसार जीवन निर्वाह भत्ते की धनराशि अर्द्धवेतन पर देय अवकाश वेतन की राशि के बराबर देय होगी।

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इसके अलावा उन्हें जीवन निर्वाह के साथ कोई महंगाई भत्ता देय नहीं होगा, जिन्हें निलम्बन से पूर्व प्राप्त वेतन के साथ महंगाई भत्ता अथवा महगाई भत्ते का उपातिक समायोजन प्राप्त नहीं था। निलम्बन के दिनांक को प्राप्त वेतन के आधार पर अन्य प्रतिकर भत्ते भी निलम्बन की अवधि में इस शर्त पर देय होंगे, जब इसका समाधान हो जाए कि उनके द्वारा उस मद में व्यय वास्तव में किया जा रहा है, जिसके लिए उक्त प्रतिकर भत्ते अनुमन्य हैं। जानकारी के अनुसार योजना के लिए लागत से 12 करोड़ रुपए अधिक का खर्च किया गया था।

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