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पिता नहीं रहे, मां नर्स हैं…बेटी ने हार नहीं मानी और बन गई सेना की अधिकारी

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IMA Passing Out Parade | Women Officers | Urmi sahu : भारतीय सैन्य अकादमी (IMA) की पासिंग आउट परेड इस बार कई ऐतिहासिक और प्रेरणादायक कहानियों की गवाह बनी। पहली बार आईएमए से नौ महिला कैडेट्स ने प्रशिक्षण पूरा कर भारतीय सेना में अधिकारी के रूप में कदम रखा। वहीं उत्कृष्ट प्रदर्शन के लिए लेफ्टिनेंट विशाल कुमार को प्रतिष्ठित स्वॉर्ड ऑफ ऑनर और स्वर्ण पदक से सम्मानित किया गया।

छत्तीसगढ़ की उर्मी साहू भी उन नौ महिला कैडेट्स में शामिल रहीं…जिन्होंने प्रशिक्षण पूरा कर सेना में अधिकारी बनने का सपना साकार किया। उर्मी के परिवार में इससे पहले कोई सेना में नहीं रहा…लेकिन उन्होंने कठिन परिस्थितियों के बावजूद अपने लक्ष्य को हासिल किया। उनके पिता अब इस दुनिया में नहीं हैं और उनकी मां नर्स के रूप में कार्यरत हैं। उर्मी बचपन से ही देश सेवा का सपना देखती थीं और अब वह सेना की अधिकारी बनकर कई युवाओं के लिए प्रेरणा बन गई हैं।

परेड में महाराष्ट्र के दो सगे भाई प्रकाश भास्कर गायकवाड़ और प्रसाद भास्कर गायकवाड़ भी एक साथ पास आउट हुए। दोनों भाइयों ने साथ में प्रशिक्षण लिया और अब एक साथ सेना के अधिकारी बन गए हैं। इस खास पल को देखकर उनके परिवार की खुशी भी देखने लायक थी।

इस अवसर पर लेफ्टिनेंट विशाल कुमार ने अपनी शानदार उपलब्धि से सभी का ध्यान आकर्षित किया। उन्होंने प्रशिक्षण के दौरान सर्वश्रेष्ठ प्रदर्शन करते हुए स्वॉर्ड ऑफ ऑनर और स्वर्ण पदक दोनों हासिल किए। विशाल ने अपनी सफलता का श्रेय अपने माता-पिता और वर्षों की मेहनत को दिया। उन्होंने युवाओं को संदेश दिया कि जीवन में एक स्पष्ट लक्ष्य होना जरूरी है, क्योंकि लक्ष्य ही सफलता की राह दिखाता है।

पासिंग आउट परेड में मुख्य अतिथि के रूप में राष्ट्रपति Droupadi Murmu मौजूद रहीं। उन्होंने युवा अधिकारियों को शुभकामनाएं देते हुए कहा कि महिला कैडेट्स का सेना में अधिकारी बनना केवल एक उपलब्धि नहीं…बल्कि भारत में महिला नेतृत्व और सशक्तिकरण का प्रतीक है।

आईएमए की इस पासिंग आउट परेड में कुल 515 कैडेट्स प्रशिक्षण पूरा कर सेना का हिस्सा बने। इनमें विभिन्न पाठ्यक्रमों के कैडेट्स के साथ 34 मित्र देशों के कैडेट्स भी शामिल रहे।

राष्ट्रपति ने कहा कि देश को अपने इन युवा अधिकारियों पर गर्व है और उनका साहस, समर्पण तथा नेतृत्व क्षमता भविष्य में भारतीय सेना को और मजबूत बनाएगी।

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