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हल्द्वानी में नौकरी लगाने वाले ठग एक्टिव, नए मामले में पुलिस ने दंपत्ति के खिलाफ केस दर्ज किया

हल्द्वानी: शहर में ठगी के मामले लगातार बढ़ रहे हैं। पुलिस व तमाम लोगों की तरफ से जनता को सतर्क रहने की अपील की जा रही लेकिन बेरोजगारी से परेशान लोग शॉर्टकट लेने का रिस्क उठा रहे हैं। हल्द्वानी में सरकारी नौकरी लगाने की एवज में एक दंपत्ति ने रेस्ट्रो संचालक के साथ ठगी की। पीडित पहले मुखानी थाने पहुंचा, जहां रिपोर्ट नहीं लिखे जाने के बाद वह एसएसपी के पास पहुंचा। एसएसपी पंकज भट्ट के हस्तक्षेप के बाद मामला दर्ज किया गया है।

पुलिस को नर्सिंग तल्ला भगवानपुर कमलुवागांजा निवासी परमजीत सिंह पुत्र निर्मल सिंह ने बताया कि वह एक रेस्ट्रों का संचालन करते थे। इसी दौरान उनकी मुलाकात साल 2019 में अंबा कॉलोनी गैस गोदाम रोड निवासी प्रीतम सिंह बिष्ट से हुई। वह लगातार रेस्ट्रों आते थे तो अच्छी पहचान हो गई। उनकी पत्नी चांदनी भी उनके साथ आने लगी। उनका बिष्ट परिवार के साथ पारिवाहिक रिश्ता बन गया था। इसी बीच चांदनी ने उन्हें अपना मुंहबोला भाई बना दिया तो विश्वास और बढ़ गया। परमजीत सिंह ने रिपोर्ट में कहा है कि लॉकडाउन लगने की वजह से आर्थिक स्थिति खराब हो गई थी। उन्होंने रेस्ट्रों कर्ज लेकर खोला था और काम नहीं चलने की वजह से हालात बिगड़ रहे थे।

एक दिन जब चांदनी रेस्ट्रों में पहुंची तो परमजीत ने उन्हें अपनी परेशानी के बारे में बताया। चांदनी ने उन्हें उत्तराखंड अधीनस्थ सेवा चयन आयोग द्वारा जारी राजस्व उप निरीक्षक/पटवारी पद के लिए आवेदन करने को कहा और बताया कि प्रीतम सिंह बिष्ट आला अधिकारियों और बड़े नेताओं में अच्छी पहचान है और उनकी नौकरी लग जाएगी। इस संबंध में परमजीत से पांच लाख रुपए की डिमांड की गई। उन्हें परीक्षा केंद्र में तमाम मदद मिलने वह अन्य बाते कहीं गई थी लेकिन ऐसा कुछ नहीं हुआ। परमजीत ने ठगी का अहसास होकर जब पैसे वापस मांगने की बात कही तो पहले वह हामी भरते रहे लेकिन बाद में धमकी देने लगे।

इसके बाद परमजीत तहरीर लेकर मुखानी पुलिस के पास पहुंचे लेकिन उन्हें मदद नहीं मिली। कुछ दिन पहले उन्होंने एसएसपी पंकज भट्ट से मुलाकात की और पूरे मामले के बारे में बताया। एसएसपी ने रिपोर्ट दर्ज करने के आदेश दिए। परमजीत ने पुलिस को यह भी बताया कि दंपत्ति द्वारा कई लोगों से ठगी की गई है और ये रकम एक करोड़ से अधिक है। इस मामले से जुड़े कुछ ऑडियो डिजिटल मीडिया पर भी वायरल हो रहे हैं जिसमें केंद्रीय मंत्री और उत्तराखंड मुख्यमंत्री और अन्य लोगों के साथ पहचान होने की बात कही जा रही है। मामला मुखाने थाने में दर्ज हुआ है और पुलिस जांच के बाद पूरी तस्वीर सामने आने के बाद कह रही है।

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