Nainital-Haldwani News

कोरोना से लड़ाई में इंसानियत का निभाया रिश्ता, हल्द्वानी की ये महिलाएं बनीं फरिश्ता

कोरोना से लड़ाई में इंसानियत का निभाया रिश्ता, हल्द्वानी की ये महिलाएं बनीं फरिश्ता
Ad

हल्द्वानी: कोरोना काल ने बुरे वक्त की सभी सीमाओं को पार कर दिया था। अस्पताल के बेड पर लेटे मरीज जिंदगी की भीख मांग रहे थे तो दूर दराज से आए तीमारदारों की आंखें खाने को ढूंढ रहीं थी। इसी बुरे वक्त में हल्द्वानी की कुछ महिलाओं ने फरिश्ता बनने का संकल्प लिया।

ADVERTISEMENTS Ad

दरअसल इंद्रजीत गार्डन निवासी बलजीत कौर को जब पता चला कि एक अस्पताल में कोरोना मरीज बिना खाना खाए ही दवाईयां खा ली। तबीयत इतनी बिगड़ गई है कि उसे पैरालाइसिस हो गया। तब ही पहला मौका था जब लंगर सेवा टीम की शुरुआत हुई।

यह भी पढ़ें: बधाई दीजिए… घोड़ाखाल सैनिक स्कूल के छात्र रहे मेजर अरुण पांडे को मिला शौर्य चक्र

यह भी पढ़ें: मेडिकल से जुड़े युवाओं के लिए अच्छी खबर, उत्तराखंड में 306 पदों पर निकली भर्ती

अपने घर के आंगन को ही किचन बनाकर टीम ने भोजन वितरण की मुहिम शुरू की। असहाय लोगों की मदद के लिए करीब डेढ महीने तक टीम की अलग अलग सदस्यों के घऱ पर भोजन बना। जिसके बाद टीम भोजन से गरीबों, असहायों, निराश्रितों का पेट भरने में जुटी रही।

बलजीत कौर के अलावा सुरिन्दर कौर, हरशीन कौर, गुरलीन कौर, हरप्रीत कौर ने लोगों के एक फोन पर खाना पहुंचाया। दरअसल लंगर सेवा टीम के सदस्यों ने अपने-अपने नंबर फेसबुक व वाट्सएप के जरिये फैलाए। जरूरतमंदों के लगातार फोन आने लगे।

यह भी पढ़ें: CM हटाओगे तो सवाल तो उठेंगे ही… त्रिवेंद्र सिंह रावत के मन की बात

यह भी पढ़ें: फाइनल में पहुंचे पवनदीप राजन से देवभूमि को उम्मीद, इंडियन आइडल तो चंपावत का लड़का ही जीतेगा

जानकारी के मुताबिक शुरुआत में केवल पांच-छह लोगों से भोजन बांटना शुरू किया। मगर बाद में ये संख्या 50 से 60 लोगों तक पहुंच गई। टीम की सदस्य हरप्रीत को कोरोना संक्रमण ने घेरा मगर टीम ने हार नहीं मानी। परिवार के सदस्यों का भी भरपूर साथ मिला।

सिख परिवार की इस सेवा को हर तरफ तारीफ मिली और आशीर्वाद मिला। बाद में जब कुछ परिवारों में राशन की दिक्कतें हुईं तो राशन की किटें भी वितरित की गईं। बलजीत के अनुसार कोरोना मरीजों के तीमारदारों को भोजन के लिए परेशान होना पड़ता था।

ऐसे में टीम ने इनके साथ बीमारी से भोजन बनाने में असमर्थ लोगों को भोजन बनाकर बांटा। बुजुर्ग मरीजों के लिए खिचड़ी, दलिया आदि इसी तरह का भोजन तैयार कर बंटवाया।

यह भी पढ़ें: सेंट्रल हॉस्पिटल के पास हुई लूट, हल्द्वानी पुलिस को मिली एक और झूठी सूचना

यह भी पढ़ें: उत्तराखंड में 16 अगस्त से खुल जाएंगे कक्षा छह से लेकर आठवीं तक के स्कूल,स्पेशल बजट जारी

ADVERTISEMENTS Ad Ad
To Top