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उत्तराखण्ड के मेजर विभूति ढौंडियाल कश्मीर में शहीद, शादी को नहीं हुआ था एक साल

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नई दिल्ली: मेजर चित्रेश बिष्ट के अंतिम यात्रा के बीच उत्तराखण्ड के लिए एक बुरी खबर सामने आ रही है।  नेश्विवला रोड के 36 डंगवाल मार्ग निवासी 55 आरआर के 31 वर्षीय मेजर विभूति ढौंडियाल शहीद हो गए है। खबर के मुताबिक तीन बहनों के इकलौते भाई थे। विभूति की शादी पिछले साल अप्रैल में हुई थी।

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पिताजी स्वर्गीय केएन ढौडियाल कंट्रोलर डिफेंस एकाउंट में थे ।घर में अभी दादी व मां मौजूद है।इस घटना के सामने आने के बाद गांव में कोहराम मच गया है। बताया जा रहा है कि उनकी मां दिल की मरीज है और उन्हें को इस बारे में सूचना नहीं दी गई है ।मेजर ढौंडियाल पौड़ी जिले के बैजरो ढौंड गांव के मूल निवासी हैं। विभूति ने सेंट जोजफ्स से साल 2000 में दसवीं की। इसके बाद साल 2002 में पाइन हाल स्कूल से बारहवीं करने के बाद डीएवी कॉलेज से स्नातक किया। यह कोर्स पूरा करने के बाद उनका ओटीए के मार्फत सेना में चयन हुआ हो गया।

बात दें कि इससे पहले बीते शनिवार को जम्मू कश्मीर में तैनात मेजर बिष्ट राजौरी के नौशेरा सेक्टर में एलओसी के पास आइईडी को डिफ्यूज करते वक्त विस्फोट में शहीद हो गए थे। मूलरूप से अल्मोड़ा जिले के पिपली निवासी मेजर चित्रेश बिष्ट उर्फ सोनू का परिवार देहरादून के नेहरू कॉलोनी में रहता है। उनके पिता एसएस बिष्ट रिटायर्ड पुलिस इंस्पेक्टर हैं। बता दें कि चित्रेश की सात मार्च को शादी होनी थी, इसके लिए कार्ड भी छप चुके थे।

 

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