Uttarakhand News

उत्तराखंड सरकार से HC ने पूछे सवाल, चारधाम यात्रा को लेकर जल्दबाज़ी क्यों है


उत्तराखंड सरकार से HC के सवाल, चारधाम यात्रा को लेकर जल्दबाज़ी क्यों है

नैनीताल: कोरोना संक्रमण के मामलों में आई कमी के बाद प्रदेश भर की तमाम गतिविधियां शुरू हो रही हैं। मंदिरों को खोला जा रहा है। इसी कड़ी में हाईकोर्ट ने जनहित याचिकाओं में सुनवाई करते हुए सरकार से चारधाम यात्रा को लेकर बड़े सख्त सवाल पूछे हैं। कोर्ट ने साफ कहा कि सरकार इतनी उतावली क्यों हो रही है।

हाईकोर्ट ने सुनवाई के दौरान स्वास्थ्य सचिव अमित नेगी से कहा कि सरकार द्वारा जारी आदेशों की अवेहलना किस तरह हो रही है, ये तो गंगा दशहरे के अवसर पर हरिद्वार में ही दिख गया। जहां भारी भीड़ भी जमा हुई और नियमों को तार तार भी किया गया। कुछ ऐसा ही केदारनाथ में भी हो रहा है।

कोर्ट ने स्वास्थ्य सचिव से पूछा कि केंद्र सरकार द्वारा अमरनाथ यात्रा रद्द कर दी मगर आप चारधाम यात्रा को शुरू करने को लेकर इतने उतावले क्यों हैं। कोर्ट ने कहा पहले तीसरी लहर से लड़ने व ब्लैक फंगस के लिए पर्याप्त सुविधाएं व तैयारी की जाने की ज़रूरत है।

यह भी पढ़ें 👉  जीती रहो बिटिया, अल्मोड़ा की अदिति भट्ट ने डेनमार्क में रौशन किया भारत का नाम

यह भी पढ़ें: उत्तराखंड सरकार ने रोकी एंफोटेरिसीन-बी इंजेक्शन की खरीद,हैरान कर देगा कारण

यह भी पढ़ें: उत्तराखंड:हाईस्कूल का नतीजा 9वीं के अंकों पर होगा निर्भर, विभाग ने लिया फैसला

कोरोना के प्रकोप पर भी कोर्ट सख्त दिखा। अदालत द्वारा साफ कहा गया कि जिस तरह डेल्टा वैरिएंट एक महीने में पूरे देश में फैला था। डेल्टा प्लस वैरिएंट को तीन महीने भी नहीं लगेंगे। ऐसे में बच्चों को बचाने के प्रयास करने ज़्यादा जरूरी हैं।

दरअसल बुधवार को मुख्य न्यायाधीश न्यायमूर्ति आरएस चौहान व न्यायमूर्ति आलोक कुमार वर्मा की खंडपीठ में अधिवक्ता दुष्यंत मैनाली, सचिदानंद डबराल, अनू पंत, रवीन्‍द्र जुगरान, डीके जोशी व अन्य की अलग-अलग जनहित याचिकाओं पर एक साथ सुनवाई हुई।

यह भी पढ़ें 👉  KBC में दिखेंगे नैनीताल एरीज के इंजीनियर मोहित जोशी, अमिताभ बच्चन ने किया एक वादा

कोर्ट ने स्वास्थ्य सचिव के तीसरी लहर को लेकर बच्चों के लिए तीन महीने तक विटामिन सी और जिंक आदि की दवाएं देने की दलील पर तीखी फटकार लगाई। चीफ जस्टिस ने कहा तीसरी लहर का इंतजार क्यों किया जा रहा है। पहले ही दवा बच्चों को क्यों नहीं दी जा रही है। हाईकोर्ट ने कहा कि जब काम युद्धस्तर पर होना चाहिए तो उसमें ढील बरती जा रही है।

यह भी पढ़ें: उत्तराखंड के कॉलेजों और विश्वविद्यालयों में जल्द शुरू हो सकती हैं ऑफलाइन कक्षाएं, तैयारी शुरू

यह भी पढ़ें: उत्तराखंड में अब इस रूट पर दौड़ेंगी इलेक्ट्रिक बसें,दस रुपए न्यूनतम किराया

ये रहे हाईकोर्ट के कुछ अन्य सवाल :-

1. जिस जीओ को अगले हफ्ते या 30 जून तक जारी करने की बात कह रहे हैं वो जीओ कल क्यों नहीं जारी हो सकता। आज शाम पांच बजे तक जारी क्यों नहीं हो सकता?

यह भी पढ़ें 👉  बेटियां किसी से कम नहीं, टिहरी की अंशू खंडूरी ने सेना में लेफ्टिनेंट बनकर पूरा किया बचपन का सपना

2. देहरादून में तीसरी लहर से लड़ने को बच्चों के लिए आपके पास 10 वेंटिलेटर हैं, बताइए 80 बच्चे क्रिटिकल हो गए तो 70 बच्चों को मरने के लिए छोड़ देंगे?

3. एफिडेविट में आपने माना है कि रुद्रप्रयाग में 11 वेंटिलेटर हैं जिसमें नौ ख़राब हैं।

स्वास्थ्य सचिव ने कहा कोर्ट ने सिर्फ़ ज़िला अस्पतालों की डिटेल माँगी थी हमारे पास मेडिकल कॉलेजों व निजी अस्पतालों में वेंटिलेटर-आईसीयू के और इंतज़ाम हैं। कोर्ट ने कहा आपको जानकारी देने से किसने रोका है?

यह भी पढ़ें: उत्तराखंड: रोजी-रोटी को तरस रही 24 गोल्ड मेडल जीत चुकी देश की पहली दिव्यांग शूटर

यह भी पढ़ें: CBSE 12वीं बोर्ड की वैकल्पिक परीक्षा 15 अगस्त से 15 सितंबर के बीच होगी!

Ad
Ad
Ad
Ad
Ad - Vendy Sr. Sec. School

हल्द्वानी लाइव डॉट कॉम उत्तराखंड का तेजी से बढ़ता हुआ न्यूज पोर्टल है। पोर्टल पर देवभूमि से जुड़ी तमाम बड़ी गतिविधियां हम आपके साथ साझा करते हैं। हल्द्वानी लाइव की टीम राज्य के युवाओं से काफी प्रोत्साहित रहती है और उनकी कामयाबी लोगों के सामने लाने की कोशिश करती है। अपनी इसी सोच के चलते पोर्टल ने अपनी खास जगह देवभूमि के पाठकों के बीच बनाई है।

© 2021 Haldwani Live Media House

To Top