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अब दिल्ली दूर नहीं, देहरादून से कम होगी दूरी, केवल ढाई घंटे में पूरी होगा आपका सफर

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देहरादून:राजधानी दिल्ली में उत्तराखंड के हजारों मूलनिवासी रहते हैं। कोई नौकरी के लिए तो कोई अपने व्यापार के लिए या फिर पढ़ाई के लिए राज्य के लोगों का दिल्ली आना-जाना लगा रहता है। फिलहाल दिल्ली जाने में 6-7 घंटे लगते हैं। देहरादून और हल्द्वानी से दिल्ली की कई बसें चलती हैं। देहरादून से दिल्ली जाने वालों के लिए एक सुखद जानकारी सामने आ रही है। दिल्ली-देहरादून नेशनल हाईवे पर इकोनोमिक कॉरिडोर ग्रीन एक्सप्रेस-वे का निर्माण करीब 15 हजार करोड़ रुपए में होगा।इकोनामिक कॉरिडोर के निर्माण के बाद दिल्ली और देहरादून का सफर सिर्फ ढाई घंटे में पूरा होगा।

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बताया जा रहा है कि मार्च 2021 में 6 लाइन ग्रीन एक्सप्रेस वे के लिए काम शुरू हो जाएगा।  इसके अलावा वर्ष 2023 तक दिल्ली-देहरादून इकोनोमिक कॉरिडोर का काम पूरा करने का दावा भी किया जा रहा है। इस बारे में बागपत संसदीय क्षेत्र के भाजपा सांसद डॉ सत्यपाल सिंह ने बताया कि नेशनल हाईवे अथॉरिटी ऑफ इंडिया द्वारा दिल्ली-देहरादून इकोनामिक कॉरिडोर ग्रीन एक्सप्रेस-वे के निर्माण को मंजूरी मिल गई है। एक्सप्रेस वे को बागपत-शामली, मुजफ्फरनगर-सहारनपुर होते हुए देहरादून तक जुड़ेगा।

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उन्होंने बताया कि एक्सप्रेस-वे को तीन भागों में बांटा गया है। अक्षरधाम से ईपीई जंक्शन 18 किलोमीटर एलिवेटेड और 13 किलोमीटर चौड़ी करण के साथ इसकी लागत में 3300 करोड़ रुपये का खर्च बतया जा रहा है। दूसरा सहारनपुर से गणेशपुर- देहरादून तक होगा , जिसमें 21 किलोमीटर की एलिवेटेड सड़क एवं सुरंग का निर्माण होगा। इसकी लागत 1600 करोड़ रुपए बताई जा रही है।  तीसरा ईस्टर्न पेरिफेरल एक्सप्रेस  बागपत जंक्शन से शामली-मुजफ्फरनगर के बीच से होते हुए सहारनपुर बाईपास होगा और यह 119 किलोमीटर लंबा होगा ,जिसकी कुल लागत 5000 करोड़ बताई जा रही है। 

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