उत्तराखंड:अफसोस कि घरवाले नहीं समझ पाए विशाल की मनोदशा,एक टेंपो बना खुदकुशी का कारण

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उत्तराखंड:अफसोस कि घरवाले नहीं समझ पाए विशाल की मनोदशा,एक टेंपो बना खुदकुशी का कारण

रुद्रपुर: खुदकुशी की खबरें जितना परेशान करती हैं उससे भी ज़्यादा परेशान करते हैं इन खुदकुशियों के पीछे के कारण। रुद्रपुर में एक युवक ने टेंपो की किश्त ना जमा कर पाने के चलते आत्महत्या कर ली। अपने ही कमरे में युवक मौत के फंदे पर झूल गया। युवक की मौत से घर वालों का रो-रो कर बुरा हाल है।

रुद्रपुर के जगतपुरा आवास विकास स्थित ट्रांजिट कैंप से एक दुखद खबर सामने आई है। कॉलोनी के निवासी 25 वर्षीय विशाल सागर उर्फ मोनू पुत्र जगदीश लाल ने खुद को फांसी लगा ली है। जिसके पीछे का कारण और पूरा मामला जानकर आप भी हैरान रह जाएंगे।

दरअसल विशाल सागर ने एक टेंपो ऋण पर लिया था। जिसकी हर महीने की किश्त बंधी हुई थी। अब कोरोना महामारी ने हर किसी की ही कमर तोड़ी है। खास कर आर्थिक रूप से हर किसी को नुकसान पहुंचा है।

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लिहाजा विशाल भी टेंपो की किश्त जमा करने को लेकर परेशान चल रहा था। उसपर दबाव और मानसिक तनाव बढ़ता जा रहा था। मंगलवार की रात को विशाल घरवालों से बातचीत करने के बाद कमरे में सोने चला गया।

सुबह साढ़े चार बजे जब मां की आंख खुली तो विशाल के कमरे का दरवाजा बंद था। मां ने अंदर आवाज़ लगाई, दरवाज़ा खटखटाया मगर कोई प्रतिक्रिया नहीं हुई। मां को अजीब लगा तो उसने घर के बाकी सदस्यों को भी उठा लिया। तभी कमरे के अंदर जा कर देखा तो परिवारजनों के पैरों तले जमीन खिसक गई। अंदर पर्दे के कपड़े से पंखे पर बेटे की लाश लटकी देख सब हिल गए और कोहराम मच गया।

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आवास विकास चौकी प्रभारी दिनेश परिहार सूचना मिलने के बाद मौके पर पहुंचे और जानकारी ली। उन्होंने बताया कि मृतक किश्त ना जमा कर पाने से परेशान था। साथ ही पुलिस ने शव का पंचनामा कर पोस्टमार्टम के लिए भेज दिया।

इस मामले में दुखद यह है कि विशाल खुदकुशी से पहले यानी मंगलवार की रात को करीब एक बजे तक घरवालों के साथ बैठा था। पर अफसोस कि घर में कोई उसकी मनोदशा नहीं समझ सका।

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