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अंकिता नागर आप प्रेरणा हैं…पहले माता पिता के साथ सब्जी बेची, अब बेटी बनी सिविल जज

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नई दिल्ली: प्रेरणा उन्हीं से मिलती है जिन्होंने कुछ कर के दिखाया होता है। सिर्फ बातें कभी किसी इंसान को प्रेरित नहीं करती। खबर ये है कि एक सब्जी बेचने वाले की बेटी सिविल जज बन गई है। बुधवार को 25 साल की अंकिता नागर ने सबसे पहले ये खुशखबरी ठेले पर सब्जी बेच रही अपनी मां को बताई। बेटी की इस उपलब्धि ने पूरे भारत में सुर्खियां बंटोरी हैं।

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बता दें कि इंदौर की अंकिता नागर ने सिविल जज परीक्षा की तैयारी बहुत मेहनत से की थी।जिसका नतीजा है रहा कि एग्जाम में अंकिता को अपने SC कोटे में 5वां स्थान मिला है। अंकिता के पिता सुबह 5 बजे उठकर मंडी चले जाते हैं। मम्मी सुबह 8 बजे सभी के लिए खाना बनाकर पापा के सब्जी के ठेले पर चली जाती हैं, फिर दोनों सब्जी बेचते हैं।

इतना ही नहीं बल्कि बड़ा भाई आकाश रेत मंडी में मजदूरी करता है। छोटी बहन की शादी हो चुकी है। अंकिता ने बताया कि वह रोजाना 8 घंटे पढ़ाई को देती थीं। ठेले पर भीड़ बढ़ती तो वह भी सबसे बेचने जाती थी। वे लोग रात 10 बजे घर आते थे। फिर 11 बजे से उसकी पढ़ाई शुरू होती थी। बेटी ने बताया कि 2017 में इंदौर के वैष्णव कॉलेज से LLB किया।

इसके बाद 2021 में LLM की परीक्षा पास की। पिता उधार लेकर कॉलेज की फीस भरते थे। कॉलेज के बाद लगातार सिविल जज की तैयारी में जुटी रही। दो बार सिलेक्शन नहीं हुआ तो माता पिता ने साथ दिया। अब सभी की मेहनत रंग लाई है। अंकिता ने बताया कि उनके घर में छोटे कमरे होने के कारण गर्मी बहुत है। भाई ने मजदूरी कर एक कूलर दिलवाया, जिससे राहत मिली।

अंकिता के पिता अशोक नागर ने बताया कि आर्थिक स्थिति ठीक ना होने के कारण हमने उसकी पढ़ाई नहीं रुकने दी। अंकिता का संघर्ष लंबा था। अंकिता की मां लक्ष्मी ने बताया कि बेटी के जज बनने की खबर सुनते ही मेरी आंखों से आंसू छलक पड़े। काफी देर तक आंसू रुके ही नहीं। अंकिता और उसके परिवार ने हर किसी का दिल जीत लिया है।

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