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शाबाश बेटी,चंपावत की फलक ने जीता इंटरनेशनल म्यूजिक अवार्ड,इनाम में मिले 50 हज़ार रुपए

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चंपावत: संगीत के मैदान में देवभूमि की बेटी ने शानदार सुर लगाकर बेहतरीन कारनामा कर दिखाया है। पिआनो वादन कर चंपावत की मूल निवासी फलक सुतेड़ी ने अंतर्राष्ट्रीय म्यूजिक अवार्ड को अपने नाम किया है। बता दें कि इस प्रतियोगिता में भारत के अलावा 50 से भी अधिक देशों के छात्रों ने भाग लिया था। फलक ने वाकई उत्तराखंड वासियों को विश्व पटल पर सम्मान दिलाया है। फलक के मूल निवास पूरे क्षेत्र में जश्न का माहौल है।

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फलक सुतेड़ी नोएडा स्थित पॉथ वेज इंटरनेशनल स्कूल से कक्षा 11वीं में पढ़ रही हैं। बता दें कि यह स्कूल लंदन बोर्ड ऑफ सेकेंडरी एजुकेशन (आइबी स्कूल) से जुड़ा हुआ है। फलक को संगीत में रुचि होने के कारण उसने नोएडा के म्यूजिक स्कूल ऑफ लंदन में पिथले आठ साल से संगीत में ट्रेनिंग की है। जो कि अभी भी जारी है। हाल ही में स्कूल ने विगत साल की तरह अंतरराष्ट्रीय स्तर पर इंटर के छात्रों के लिए म्यूजिक कंपोजिशन प्रतियोगिता का आयोजन किया।

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जिसमें कॉमनवेल्थ के 54 देशों के लगभग 500 प्रतिभागियों ने हिस्सा लिया। इलमें फलक ने वो कर दिखाया जो वाकई अविश्वसनीय है। फलक ने पिआनो वादन में अव्वल स्थान प्राप्त कर इंटरनेशनल म्यूजिक अवार्ड हासिल किया। जिसके बदले उन्हें केवल प्रशस्ति पत्र ही नहीं बल्कि 50 हज़ार रुपए का बड़ा इनाम भी दिया गया। इसके बाद से ही मानो फलक और उनके परिवार में खुशी की लहर दौड़ पड़ी।

बता दें कि फलक के पिता सचिन सुतेड़ी दिल्ली में सॉफ्टवेयर बनाने वाली प्रसिद्व आइबीएम इंडिया कंपनी के ब्रांच डायरेक्टर हैं तो वहीं मां चेताली भी एक सॉफ्टवेयर कंपनी में नौकरी करती हैं। फलक के माता-पिता यूएस में भी रह चुके हैं। चेताली के दादा शिक्षाविद डा. बीडी सुतेड़ी सेवानिवृत्त प्रोफेसर हैं और वे अपनी पत्नी जानकी सुतेड़ी के साथ चम्पावत के शांत बाजार में रहते हैं। जानकारी के अनुसार फलक को आगे बढ़ाने में मां चेताली सुतेड़ी का काफी योगदान रहा है।

बहरहाल आपको जानकर अचंभा होगा कि फलक का मूल निवास लोहाघाट का फोर्ती गांव है। हालांकि अब उनके दादा-दादी चंपावत में बस गए हैं। फलक की शिक्षा-दीक्षा दिल्ली के स्कूलों से ही पूरी हुई है। विदेशों में भारत का नाम ऊंचा करने पर बेटी फलक को बधाईयां मिलने पर लगी हुई हैं। उनके दादा-दादी भी काफी गर्व महसूस कर रहे हैं।

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