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पिता करते थे चीनी मिल में काम, सितारगंज का सौरभ बना सेना में अधिकारी

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हल्द्वानी: शनिवार को हुई आइएमए की पासिंग आउट परेड से उत्तराखंड के लिए बहुत सारी खुशियों और गर्व वाली खबरें सामने आई हैं। अब सितारगंज क्षेत्र से उत्तराखंड के एक और बेटे का सेना में अधिकारी बनना एक बार फिर सुखद महसूस करवा रहा है। हर प्रदेशवासी सौरभ सिंह के आर्मी ऑफिसर बनने से खासा खुश है। सौरभ के साथ साथ उसके परिजनों को लगातार बधाई और शुभकामनाओं के संदेश प्राप्त हो रहे हैं।

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दरअसल सितारगंज चीनी मिल के रहने वाले ध्रुव नारायण सिंह के बेटे सौरभ सिंह को उनकी मेहनत और लगन का तोहफा मिल गया है। देहरादून में हुई आइएमए की पासिंग आउट परेड में सौरभ सैन्य अधिकारी बन चुके हैं। सौरभ की इस सफलता से परिजनों के साथ साथ नगर में भी जश्न का माहौल है। उन्होंने अपनी 12वीं तक की पढ़ाई सितारगंज के ग्रीनवुड पब्लिक स्कूल से ही पूरी की है। बता दें कि सौरभ सिंह अपने अन्य दो भाईयों की तरह बचपन से ही पढ़ाई में काफी आगे रहे हैं।

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12वीं तक की पढ़ाई सितारगंज से करने के बाद सौरभ ने एक साल आर्मी की तैयारी की। फिर वे 2015-2019 तक कॉलेज ऑफ इंजीनियरिंग रुढ़की में पढ़ें। जहां उन्होंने बीटेक की पढ़ाई 80 फीसदी अंकों के साथ पूरी की। पढ़ाई पूरी होने के बाद सौरभ का चयन गेट परीक्षा के माध्यम से एमटेक आइआइटी दिल्ली में हुआ।

लेकिन यह सेलेक्शन बोते ही सौरभ के नज़दीक पहंची उनके सपने की डोर। यानी सौरभ के पास देहरादून से आइएमए में चयन होने का पत्र आ पहुंचा। इसलिए उन्होंने एमटेक छोड़कर आइएमए देहरादून में टेक्निकल कोर्सेज़ के लिए ज्वाइन कर लिया।

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सौरभ के परिवार की बात करें तो उनके घर में उनके अलावा माता पिता के साथ दो अन्य भाई भी हैं। सौरभ के बड़े भाई मनीष सिंह फिलहाल अमेरिका में कंप्यूटर साइंस की पढ़ाई कर रहे हैं। जबति दूसरे भाई शोभित सिंह दिल्ली में नौकरी करते हैं। सौरभ सिंह ने अपनी सफलता का सारा श्रेय अपने माता-पिया और गुरुओं को दिया है।

सौरभ के पिता ध्रुव नारायण सिंह सितारगंज के ही चीनी मिल में नौकरी किया करते थे। अब वे पिछले 18 सालों से एक एनजीओ के माध्यम से पर्यावरण संरक्षण व सामाजिक कार्यों से जुड़ कर लोगों की सेवा कर रहे हैं। सौरभ के सेना में अधिकारी बनने पर माता-पिता ते साथ परिजनों में खासा उत्साह है।

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